माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जैविक कृषि चौपाल विषय पर राधेयम इंटरप्राइजेज बड़ागांव की ओर से शनिवार को प्रथम संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बागवानी विभाग पंचकूला के विभाग अध्यक्ष डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने बताया कि गन्नौर में एशिया की सबसे बड़ी जैविक उत्पादों की मंडी विकसित होने जा रही है। विशिष्ट अतिथी डॉ. सुरेश कुमार अरोड़ा, डॉ. कमल कुमार, डॉ. राजेश कुमार मीणा व रामकिशोर फगोडिया ने किसानों को जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक उर्वरकों से मुक्ति पाने व पर्यावरण संरक्षण के तरीके बताए। सिक्किम ऑर्गेनिक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष मदन सैनी ने कहा कि सिक्किम ने पूर्ण रूप से जैविक खेती अपनाकर देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
गौरव कुमार ने बताया कि वे पिछले 5 वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं और कभी रासायनिक खाद या कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया। वीरेंद्र सैनी ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से जैविक खेती करने से फसल की पैदावार बेहतर हुई व मुनाफा बढ़ा। मार्केट कमेटी कुंजपुरा के अध्यक्ष दीपक ने किसानों को शपथ दिलाई कि आज से वे अपनी खेती में कुछ न कुछ हिस्सा जैविक खेती के लिए समर्पित करेंगे। जिला परिषद अध्यक्ष सोहन सिंह ने किसानों से अपील की कि वे जैविक खेती अपनाएं। कंपनी की सीईओ मोनिका सैनी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जो भी किसान उनके साथ जैविक खेती करेंगे, उनके उत्पादों को कंपनी बाजार मूल्य से उच्च दरों पर खरीदेगी। हरपाल सैनी, रमेश भाटिया, गुरनाम सिंह गजलाना, राजकुमार खेड़ी व अन्य उपस्थित रहे।
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लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
करनाल। अपनी लंबित मांगों को लेकर शनिवार को हैफेड एम्प्लॉइज यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि गलत निर्णयों के कारण फेडरेशन को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिसका सीधा असर अब कर्मचारियों के वेतन, सुविधाओं और भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं पर दिखाई देने लगा है। कर्मचारियों ने जिला प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। ब्यूरो