करनाल। धान की सरकारी खरीद, एमएसपी की कानूनी गारंटी और अन्य मांगें उठाते हुए बुधवार को किसान सड़कों पर उतरे। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने प्रदर्शन किया। जिला सचिवालय पहुंचकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा।
किसान नेताओं ने 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की। उन्होंने धान खरीद में नमी की सीमा 20 फीसदी निर्धारित करने के लिए कहा। सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई। ज्ञापन में कर्ज माफी और किसानों-मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग भी शामिल रही। उन्होंने कहा कि डीजल, खाद, कीटनाशक और श्रम लागत में बढ़ोतरी हुई है।
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इस कारण आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। पशुपालकों के लिए दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने की भी मांग रखी गई।किसानों ने ‘’मेरी फसल मेरा ब्योरा’’ पोर्टल को तत्काल दोबारा खोलने की मांग की।
तकनीकी खामियों के कारण काफी किसान पंजीकरण नहीं करा सके थे। उन्होंने सरकार से ऐसे किसानों को पंजीकरण का दोबारा अवसर देने के लिए कहा। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने बताया कि आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 10 सितंबर को पेहवा की अनाज मंडी में किसान पंचायत होगी। इसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इसमें बड़े फैसले भी लिए जाएंगे।