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आज और कल प्रदेश की सभी मंडियों में बंद रहेगी गेहूं की खरीद

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सरकार की ओर से ठेकदारों के जरिये अनाज मंडियों से गेहूं का उठान कराने की योजना फेल साबित हो रही है। कांट्रेक्टर वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करा पा रहे हैं। यही कारण है कि पिछले पांच दिनों से अनाज मंडियां गेहूं से अटी हुई हैं लेकिन अपेक्षित लिफ्टिंग नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर शुक्रवार की शाम से ही मौसम के तेवर तीखे हो गए हैं। देर शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी से मंडियों में खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया है। वहीं हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन ने सभी मंडियों में तिरपाल की व्यवस्था से हाथ खड़े कर दिए हैं। स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार ने भी राज्यभर में दो दिन 17 व 18 अप्रैल को गेहूं खरीद बंद करने का एलान किया है।
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शुक्रवार की शाम को ही मौसम ने तीखे तेवर दिखाए, हल्की बूंदाबांदी ने किसानों के होश फाख्ता कर दिए हैं। क्योंकि अभी किसान अपने फसल की कटाई में जुटे हैं। डीएफएससी करनाल निशांत राठी ने बताया कि शनिवार और रविवार यानी 17 व 18 अप्रैल को पूरे प्रदेशभर में गेहूं खरीद बंद रहेगी। इसलिए किसान इन दो दिनों में अपना गेहूं लेकर मंडियों में न आएं। इन दो दिनों में सिर्फ पहले से खरीदे गए गेहूं की लिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। अब सोमवार 19 अप्रैल से पूर्व की भांति सभी मंडियों में गेहूं खरीद का कार्य किया जाएगा। सरकार ने खरीद तो बंद करा दी लेकिन किसानों के आगे सबसे बड़ी समस्या है कि खराब मौसम के बीच वह अपनी कटी हुई फसल का क्या करें। इस संबंध में करनाल में एसडीएम आयुष सिन्हा ने ठेकेदार व एजेंसियों के साथ बैठक करके गेहूं को ढकने की व्यवस्था करने को कहा है।
यूपी सहित सभी सीमांत राज्यों के गेहूं के हरियाणा में लाने पर रोक
-अभी तक सरकार ने पंजीकृत किसानों को गेहूं लेकर आने की छूट दी थी लेकिन अनाज मंडियों में गेहूं की अधिकता को देखते हुए फिलहाल यूपी व अन्य पड़ोसी राज्यों से किसानों के गेहूं लेकर आने पर अग्रिम आदेशों तक पूर्ण रोक लगा दी गई है। सरकार के अगले आदेश के बाद ही यूपी आदि के किसानों को गेहूं लेकर आने की इजाजत मिल सकेगी।
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-ईश्वर राणा, जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी करनाल।
उठान न होते देख भड़के उपायुक्त, ठेकेदार पर एफआईआर कराने
तरावड़ी/निगदू। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने तरावड़ी व निगदू अनाज मंडी का शुक्रवार को निरीक्षण किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि आगामी 48 घंटे तक मंडियों से गेहूं का 50 प्रतिशत उठान नहीं हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए जुर्माना भी लगाया जाएगा।
तरावड़ी मंडी पहुंचे उपायुक्त को मंडी प्रधान वीरेंद्र बंसल ने बताया कि मंडी मे बारदाने की समस्या आ रही है। उपायुक्त ने कहा कि मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना मंगाया गया है, शीघ्र ही मंडियों में आढ़तियों को बारदाना उपलब्ध करा दिया जाएगा। मंडियों में गेहूं की आवक जोरों पर है, परंतु उठान कार्य धीमा है, ठेकेदार अपना कार्य समय से पूरा नहीं कर रहे हैं। यदि ठेकेदार शनिवार तक गेहूं उठान का 50 प्रतिशत पूरा नहीं करते तो मार्केट कमेटी के सचिव मोहित बेरी को निर्देश दिए कि वह उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं और ब्लैक लिस्ट करवाएं। खरीद एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए कि वह तिरपाल का प्रबंध करें, कोई भी गेहूं का कट्टा भीगना नहीं चाहिए। खुले में पड़ी गेहूं का उठान पहले किया जाए। इस मौके पर एसडीएम आयुष सिन्हा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र कुमार, महेश चौधरी, अनिल चौधरी, बृज भूषण, सुल्तान सोल्हों, पंकज गुप्ता, आदि उपस्थित रहे।
इधर, निगदू में अनाज मंडी में उपायुक्त पहुंचे तो एजेंसी अधिकारी, ठेकेदार व अन्य अधिकारियों में भगदड़ मच गई। निरीक्षण के बाद मार्केट कमेटी ने बैठक की, जिसमें आढ़तियों ने कहा कि संबंधित ठेकेदार ने तय होने के बावजूद मंडी में गाड़ियां नहीं भेजी हैं। इस पर उपायुक्त ने कहा कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक अगर 50 प्रतिशत उठान नहीं हुआ तो मार्केट कमेटी सचिव को ठेकेदार के खिलाफ गुमराह करने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही कमेटी सचिव को कार्रवाई नहीं करने पर निलंबित करने की चेतावनी दी। एडीसी वीना हुडडा ने कहा कि 13 अप्रैल को ठेकेदार ने उन्हें 70 गाड़ियां प्रतिदिन निगदू मंडी में भेजने के लिए कहा था लेकिन 4 दिन में केवल कुल 61 गाड़ियां ही मंडी में आ पाई हैं।
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