गठित की गई कमेटी ने सार्वजनिक नहीं किया फैसला
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बिना अनुमति किसानों के खेतों में खनन कारोबारियों की ओर से रेत डालने से उपजे विवाद के मुस्तफाबाद में शुरू हुआ किसानों का धरना खत्म कर दिया गया है। ये धरना 12 दिनों से चल रहा था। अब किसानों ने खेतों में रेत डालने का विरोध बंद कर दिया है।
यमुना नदी से रेत खनन का ठेका लेने वालों ने एक पखवाड़ा पहले बिना किसानों से पूछे उनके 24 एकड़ के खेतों में रेत डालना शुरू कर दिया था। मामला भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के पास पहुंचा तो उन्होंने इसके खिलाफ आंदोलन की बात कही। किसानों ने मौके पर 12 दिन पहले धरना शुरू कर दिया था। दो दिन पहले इस मामले को हल करने के लिए किसानों व ठेकेदार की ओर से दो-दो पंच नियुक्त करके एक चार सदस्यीय कमेटी का गठित की गई, एक अन्य सदस्य को भी शामिल करने पर सहमति हुई।
इस कमेटी में ठेकेदार की ओर से फूंसगढ गांव धर्मबीर लाठर व मंगलोरा गांव के सतबीर सिंह तथा किसानों की ओर से गांव ढाकवाला गुजरांन के चंद्रभान करनाल से मुकेश कुमार को शामिल किया गया था। कमेटी ने किसानों व ठेकेदार पक्ष से बात की और दोनों पक्षों को विश्वास में लिया। फैसले को भले ही गुप्त रखा लेकिन किसानों ने धरना खत्म करने का एलान कर दिया। साथ ही अपने खेत रेत ड़ालने की कथित सहमति दे दी। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने बताया कि किसानों की सहमति के चलते धरने को खत्म करने की घोषणा कर दी है। इस अवसर पर राम सिंह मुस्तफाबाद, पालाराम ढ़ाकवाला गुजरांन, अनिल, सुमित चौधरी, मनोहर लाल, महाबीर सिंह, दिलावर सिंह सहित कई किसान मौजूद थे।