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आढ़तियों-किसानों का 38 करोड़ बकाया

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किसानों और आढ़तियों का धान खरीदने के बाद भुगतान को लेकर अब सरकार ने गंभीरता दिखाई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (खाद्य) पीके दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बकाया भुगतान पर चिंता व्यक्त करते हुए बैंकर्स और ई-खरीद पोर्टल को संचालित करने वाले आईटी सेल से दो दिन में रिपोर्ट तलब की है। जिसमें पूछा गया है कि आखिर अभी तक किसानों व आढ़तियों का भुगतान क्यों नहीं किया गया है। करनाल अनाज मंडी के आढ़तियों व उनसे जुड़े किसानों का अभी 38 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है, जो बैंक एकाउंट संबंधी गड़बड़ियों के कारण फंसा है।
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जब धान खरीद शुरू की गई थी तो सरकार ने वादा किया था कि वह किसानों को धान बिक्री के 72 घंटे के अंदर भुगतान उनके खातों में ट्रांसफर करेगी। 26 सितंबर से 13 नवंबर-2020 तक करनाल जिले में धान की खरीद की गई। जिसमें और भुगतान तो हो गया लेकिन 38 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी फंसा है, जो अधिकांश आढ़तियों का है। करनाल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी इसके लिए उपायुक्त, डीएफएससी व डीएम हैफेड सहित कई अधिकारियों से मिल भी चुके हैं लेकिन तीन महीने बाद भी पूरा भुगतान नहीं मिल सका है। इसी को लेकर एसीएस पीके दास ने डीएफएससी आदि के साथ बैठक कर मामले को समझा तो बताया कि इसमें बैंक एकाउंट की गड़बड़ी, ई-पोर्टल से मिस मैच के मामले सर्वाधिक हैं, इस कारण भुगतान ट्रांसफर नहीं हो रहा है। इस पर एसीएस ने भुगतान बैंक व ई-खरीद पोर्टल संचालित करने वाली आईटी सेल से दो दिन के अंदर पूरा डाटा मांगा है। किसके खाते में क्या गड़बड़ी है, किस किसान या आढ़ती का कितना भुगतान बकाया है। इसे दुरुस्त करने के लिए अब तक क्या किया गया है। इसके दो दिन के बाद फिर बैठक करने को कहा है।
-करनाल अनाज मंडी का करीब 15 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इसमें गड़बड़ी बैंक की है या फिर सरकारी पोर्टल की। जब किसानों या आढ़तियों की कोई गलती नहीं है तो उसे विलंब का ब्याज सहित भुगतान दिया जाना चाहिए।
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-रजनीश चौधरी, प्रधान-हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल।
-करनाल जिले का करीब 38 करोड़ रुपये का धान का भुगतान बकाया है, चंडीगढ़ में बैठक हुई थी। दो दिन में बैंक व आईटी सेल से डाटा मांगा है। अगली बैठक वीरवार को होगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव इसे लेकर गंभीर हैं। शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा।
-निशांत राठी, डीएफएससी करनाल
आधार किसानों का, खाता आढ़ती का
-एक-एक आढ़ती ने ई-खरीद पोर्टल पर आधार कार्ड तो किसानों का लगाया है, लेकिन बैंक एकाउंट अपना अंकित कर दिया है। आढ़तियों का एक ही एकाउंट 20-20 किसानों के नाम पर अंकित कर दिया है। जबकि आदेश यह थे कि वहीं खाता पोर्टल पर अंकित करें तो आधार कार्ड से लिंक हो। अब आधार किसानों का, बैंक खाता आढ़ती का, इससे समस्या उत्पन्न हो रही है।
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