घरौंडा। चकबंदी विवाद में पलायन कर चुके छह गांवों के किसान शुक्रवार को अपने-अपने गांव लौट आए। किसानों ने वीरवार को इस संबंध में प्रदेश सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से दिल्ली में मुलाकात की थी।
इस दौरान सीएम ने किसानों को मामले के समाधान का ठोस आश्वासन दिया था, जिसके बाद किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना समाप्त कर दिया और अपने-अपने गांव लौट आए। शहर सांसद डा. अरविंद शर्मा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने जंतर-मंतर पर जाकर किसानों का अनशन तुड़वाया।
शुक्रवार को नई अनाज मंडी पहुंचे ग्रामीणों ने गुलाल उड़ाकर होली मनाई और पटाखें बजाकर खुशी जाहिर की। लोगों ने अनशनकारियों का फूलमालाओं के स्वागत किया। साथ ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हुड्डा, कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद, सांसद अरविंद शर्मा, कांग्रेस नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर और कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राठौर का आभार जताया। गौरतलब है कि गलत चकबंदी से पीड़ित छह गांवों के किसान मंगलवार को दिल्ली जंतर-मंतर पर कूच कर गए थे। ग्रामीणों को यहां अर्धनग्न प्रदर्शन किया था।
सांसद डा. अरविंद शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और कांग्रेस युवा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि प्रदेश हुड्डा ने एसीओ, दो पटवारियों का तुरंत प्रभाव से तबादला कर दिया और गलत चकबंदी की दोबारा जांच का जिम्मा रोहतक के कमिश्नर को सौंपा है। जिसके लिए चार सदस्सीय कमेटी का गठन कर दिया गया है।
किसान नेता प्रदीप मराठा कालरम, राजबल राणा, नरेंद्र कुमार, अकल राणा, रामनिवास सैनी, सुधा, सरोज, बाला, राजदुलारी और महिलाओं ने बताया कि गलत चकबंदी होने के विरोध में छह गांवों के ग्रामीण पिछले सात महीनों से प्रदर्शन करते आ रहे थे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने हमारी मांगों की और कोई ध्यान नहीं दिया।
गांव कालरम, अमृतपुर कलां, मंगलौरा, लालुपूरा, अराईपुरा के गांव किसानों ने एसीओ दलबीर सिंह, कानूनगो, पटवारियों पर भूमाफिया से मिलीभगत करकेे गलत चकबंदी करने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने चकबंदी की दोबारा सीबीआई से जांच कराने व एसीओ दलबीर सिंह व पटवारियों के तबादले के लिए काफी दिनों से संघर्ष कर रहे थे।