संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। धान खरीद सीजन के बीच सोमवार देर शाम अनाज मंडी में गेट पास और एंट्री न मिलने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज किसानों ने नेशनल हाइवे के सर्विस रोड पर अपनी ट्रालियां खड़ी कर जाम लगा दिया।
अचानक हुए इस विरोध के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस बल और मार्केट कमेटी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत और बातचीत के बाद किसानों को समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
किसानों ने कहा कि धान सीजन के दौरान गेटपास व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बार-बार मंडी बंद करने और समय पर एंट्री न देने से उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए गेटपास सिस्टम को डिजिटल या ऑनलाइन किया जाए ताकि किसी को परेशानी न हो।
तीन दिन मंडी बंद रहने से बढ़ी किसानों की परेशानी
धान खरीद सीजन के दौरान मंडी को पिछले तीन दिनों तक बंद रखा गया था, जिससे किसानों में पहले से ही रोष था। सोमवार को मंडी खुलने पर सुबह से ही सैंकड़ों किसान अपनी धान से भरी ट्रालियां लेकर अनाज मंडी पहुंचे। मंडी गेट के बाहर दिनभर ट्राॅलियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। शाम करीब चार बजे अचानक मार्केट कमेटी ने गेटपास काटना बंद कर दिया। इससे किसानों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने कहा कि वे सुबह से लाइन में लगे हुए हैं लेकिन शाम तक उन्हें एंट्री नहीं दी गई। किसानों ने मांग की कि मंडी प्रशासन तुरंत गेटपास जारी करें ताकि वे अपनी उपज मंडी में डाल सकें।
यूपी और अन्य जिलों से बढ़ी आवक
पिछले साल की तुलना में इस बार अनाज मंडी में डेढ़ गुना ज्यादा धान की आवक हो चुकी है। मंडी अधिकारियों के अनुसार बड़ी मात्रा में धान उत्तर प्रदेश, गन्नौर, गोहाना, सोनीपत जैसे जिलों से भी यहां पहुंच रही है। मंडी में तेजी से हो रही धान की खरीद और उचित मूल्य मिलने की संभावना के चलते किसान दूसरे जिलों से भी यहां आ रहे हैं। इस कारण प्रतिदिन मंडी गेट के बाहर ट्रालियों की लंबी कतारें लग रही हैं और कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है।