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Karnal News: पंचायत में किसानों का एलान 20 से चीनी मिलें कराएंगे बंद

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01.... जाट भवन में बैठक करते भारतीय किसान यूनियन के सदस्य। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जाट धर्मशाला में किसान पंचायत आयोजित की। जिसमें गन्ने के मूल्य को 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग के लिए 20 जनवरी की सुबह आठ बजे से प्रदेश की सभी चीनी मिलों को बंद कराने का एलान किया है। किसान नेताओं ने कहा कि यूनियन के आह्वान पर किसानों ने गन्ने की छिलाई का कार्य बंद कर दिया है, जो रह गए हैं, वह भी छिलाई बंद कर दें और जो गन्ना खेतों में छिला हुआ है, उसे बंदी से पहले चीनी मिलों में पहुंचा दें।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों से सोमवार को वार्ता करनी थी लेकिन सरकार ने इसमें रुचि नहीं दिखाई है। इस कारण भाकियू को मिलों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा है। जिलाध्यक्ष अजय राणा ने कहा कि पहले ही किसानों का आह्वान किया गया था कि वह छिलाई का कार्य 17 जनवरी से बंद कर दें, ताकि मिल बंदी के दौरान कोई नुकसान न हो। 20 जनवरी से किसान चीनी मिलों के तौल कांटे को बंद कराकर धरना शुरू कर देंगे। जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का आह्वान किया गया कि वह 20 जनवरी को संबंधित क्षेत्र की चीनी मिलों पर बड़ी संख्या में पहुंचे, ताकि उनके हक की लड़ाई को प्रभावशाली ढंग से लड़ा जा सके।
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इसमें मंजीत चौगावा, रामपाल चहल, सुरेंद्र कलसौरा, सुनील पूनिया, ऋषि बड़सालू, बलदिंर सिंह, देशराज, कुंवर पाल और कुंवर पाल आदि कई किसान शामिल रहे।
आज से गन्ने की छिलाई बंद करने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं की बैठक मंगलवार को पिकाडली शुगर मिल भादसों पर आयोजित की गई। गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं किए जाने के विरोध स्वरूप 20 जनवरी को चीनी मिलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कराने का निर्णय लिया गया। किसानों से आज से ही गन्ने की छिलाई बंद करने और छिला हुआ तैयार गन्ना दो दिन के अंदर मिलों को दे देने का आह्वान किया।
भाकियू नेता रामपाल चहल ने कहा कि दो महीने से किसान गन्ने की फसल के मूल्य वृद्धि की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। पड़ोसी राज्य पंजाब में गन्ने की फसल का मूल्य हरियाणा प्रदेश से अधिक है। उन्होंने कहा कि गन्ने की छिलाई आज से ही बंद कर दी गई है। 20 जनवरी को शुगर मिल के गेट पर ताला लगाया जाएगा। जब तक गन्ने की फसल का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित नहीं हो जाता, तब तक चीनी मिल को चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसान 19 जनवरी रात्रि 12 बजे तक अपना गन्ना शुगर मिल में लेकर आ सकते हैं। ताकि मिल बंदी के दौरान किसानों को नुकसान न हो।
भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष मनजीत लालर ने कहा कि 16 जनवरी को किसान प्रतिनिधि मंडल व कृषि मंत्री के बीच वार्ता होनी तय थी लेकिन वार्ता के लिए कृषि मंत्री नहीं पहुंचे बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को वार्ता करने के लिए भेज दिया। परिणाम ये रहा कि वार्ता नहीं हो सकी और किसानों को गन्ने की छिलाई बंद करने व मिलों पर तालाबंदी करने का निर्णय लेना पड़ा।
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कल सीएम आवास पर करेंगे पंचायत
करनाल। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने बताया कि 20 जनवरी को प्रदेश की सभी चीनी मिलों पर तोल को बंद कराया जाएगा। किसान चीनी मिलों के कांटों पर धरना देंगे। इससे पहले 19 जनवरी को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के आवास के बाहर 101 किसान पंचों की पंचायत की जाएगी। ये किसान पंच एक हाथ में गन्ना व एक हाथ में झंडा लेकर पंचायत पहुंचेंगे। सरकार को गन्ना मूल्य में वृद्धि करनी ही पड़ेगी।
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