- किसानों की चेतावनी के बाद एसडीएम-डीएसपी ने गेटपास कराए शुरू, अब मंगलवार को बंद रहेगी खरीद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला प्रशासन की ओर से शनिवार की शाम अचानक रविवार को करनाल मंडी में धान की खरीद बंद रखने के आदेश के खिलाफ आढ़ती और किसान भड़क गए। इसके बाद मंडी गेट पर जीटी रोड के सर्विस लेन पर धरना शुरू कर जाम लगा दिया। मंडी व रोड पर ट्रैक्टर ट्रालियां लगाकर रास्ता रोक दिया गया। जिससे खरीद तो पहले से ही बंद रही, उठान भी ठप हो गया। दोपहर को भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान भी यहां पहुंच गए और आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश चौधरी के साथ मिलकर जिला प्रशासन को 20 मिनट का समय दिया। आखिरकार एसडीएम व डीएसपी मौके पर पहुंचे और गेटपास कटना जारी कराया। 1509 किस्म की खरीद पर बाद में बात करने को कहा। करीब तीन घंटे के बाद यातायात सामान्य हो सका।जिला प्रशासन ने रविवार को करनाल मंडी में सभी किस्मों के धान की खरीद बंद रखने का आदेश जारी किया था, लेकिन मंडी में दर्जनों किसान लाइन में थे। उन्होंने रात को ही यहां हंगामा किया था। नई पंचायत अनाज मंडी करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी ने रविवार सुबह आढ़तियों के साथ बैठक की। जिसमें कहा गया कि शनिवार देर से जानकारी देने के कारण किसानों ने धान की कटाई करा ली है, जो धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में खरीद नहीं हुई तो धान खराब हो सकता है। इसे देखते हुए आढ़तियों ने मंडी गेट के सामने जीटी रोड की सर्विस लेन पर धरना शुरू कर दिया।
एसडीएम अनुभव मेहता, डीएसपी के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों की बात सुनी, जिसमें किसानों ने तत्काल खरीद शुरू कराने, 1509 किस्म का धान सीमा पर रोका जा रहा है, उसे हरियाणा की मंडियों में देने देने, मंडी में 1509 की खरीद शुरू कराने आदि मांगें रखी। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद लाइन में लगे किसानों को गेटपास देना शुरू करा दिए, उठान के लिए मंगलवार को खरीद बंद रखने और 1509 धान को हरियाणा में आने देने की बात पर उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद फैसला देने की बात कही, इस पर किसान मान गए। यही स्थिति घरौंडा अनाज मंडी में रही, यहां भी अचानक खरीद बंद करने को लेकर भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष अजय राणा की अगुवाई में किसानों ने मंडी गेट पर ताला डालकर कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। एसडीएम अदिति शर्मा ने किसानों से बात कर गेटपास जारी कराकर धरना खत्म कराया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र सिंह राठौर भी किसानों के समर्थन में यहां पहुंचे थे।