करनाल। किसान एवं भाजपा नेता राजेंद्र आर्य दादूपुर को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विनीत सोखी की अदालत ने जमानत दे दी है। उन्हें 2019 में एक दूसरे किसान नेता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। अधिवक्ता जयप्रकाश के अनुसार किसान नेता राजेंद्र आर्य के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने बुटाना थाने में शिकायत देकर 2019 में आरोप लगाए थे कि इनकी यूनियन पंजीकृत नहीं है और भादसो मिल से रुपये लेने के भी आरोप लगाए थे।
इस शिकायत पर बुटाना थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में गुरनाम सिंह चढूनी, भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादूपुर सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद किसान नेता आर्य अदालत में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ अदालत ने गैजमानती वारंट जारी कर दिए थे।
इसके लिए उन्होंने एडिशनल सेशन जज अनिल कुमार की अदालत में याचिका दायर की तो उन्होंने गैर जमानती वारंट पर रोक लगा दी। फिर जमानत की याचिका ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विनीत सोखी की अदालत में लगाई गई। जहां उन्हें जमानत दी गई। इधर, राजेंद्र आर्य दादूपुर ने बताया कि 2019 में उन्होंने एनजीटी के आदेश पर बंद भादसो चीनी मिल को शुरू किए जाने को लेकर आंदोलन किया था, जिससे दूसरे भाकियू नेता नाराज हो गए थे, उन्होंने उनके खिलाफ अनुशासनहीनता सहित कई आरोप लगाए थे। संवादक