करनाल। माघ मास की पूर्णिमा के अगले दिन 2 फरवरी से फाल्गुन मास की शुरुआत हो गई है, जो 3 मार्च 2026 तक रहेगा। फाल्गुन मास में होली से आठ दिन पहले लगने वाला होलाष्टक 24 फरवरी से प्रारंभ होगा जबकि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा।
श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार, फाल्गुन मास में महादेव की आराधना से जुड़ा महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यह महीना भगवान शिव के साथ-साथ खाटू श्याम की उपासना के लिए भी अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि प्रदोष काल व्यापिनी फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भद्रा रहित काल में ही होलिका दहन किया जाना शास्त्रसम्मत माना गया है। इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा केवल 2 मार्च को ही प्रदोष काल व्यापिनी है। 3 मार्च को पूर्णिमा प्रदोष काल को बिल्कुल भी स्पर्श नहीं कर रही है। अतः 2 मार्च को ही होलिका दहन करना पूर्णतः शास्त्रसम्मत है। इसी दिन श्री सत्यनारायण भगवान का व्रत भी रखा जाएगा। वहीं 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा है। इसी दिन चंद्रग्रहण भी लगेगा, जो भारत में कहीं भी दिखाई नहीं होगा। संवाद