आरआई के दीक्षांत समारोह में विदेशी सहित 542 को मिली डिग्रियां, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह विद्यार्थियों को डिग्रियां व मेडल दिए, अन्य को डीएआरई सचिव, निदेशक ने बांटी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एनडीआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी के 19वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को 542 विद्यार्थियों को डिग्री एवं मेडल प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से छह विद्यार्थियों को डिग्रियां एवं मेडल दिए। डिग्रियां पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने इसे जीवन का कभी न भूलने वाला पल बताया। राष्ट्रपति ने डेयरी उद्योग को बढ़ावा, दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े अनुसंधान के लिए एनडीआरआई के वैज्ञानिकों की सराहना की। आगे भी बेहतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उच्च नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए बढे़ं। बाकी 536 विद्यार्थियों को आईसीएआर के महानिदेशक एवं सचिव डीएआरई डॉ. हिमांशु पाठक और एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने डिग्री एवं मेडल दिए।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों के साथ ही कृषि अनुसंधान आदि कार्यों में देश में पिछले पांच वर्ष से लगातार प्रथम आने पर एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह सहित वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गाय एवं पशुधन हमारे खानपान, परंपराओं व संस्कृति का हिस्सा है। गाय एवं दूध से जुड़ी कहानियां भगवान श्रीकृष्ण, नंदी-शिव आदि लीलाएं, किस्से सदियों से मौजूद हैं। उन्होंने महिलाओं व युवाओं को डेयरी उद्योग से जुड़ने का आह्वान किया।
इससे पहले हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री (मत्स्य पालन एवं डेयरी) परषोत्तम रूपाला आदि ने भी संबोधित किया। निदेशक डॉ.धीर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत कर संस्थान की उपलब्धियां बताईं। ईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. बीएन त्रिपाठी, एडीजी डॉ. एके त्यागी, संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. आशीष कुमार सिंह, पीआरओ एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ.अजय कुमार डांग, डॉ. नरेश सेलोकर, डॉ. शिल्पा विज, आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, सीएसएसआरआई के निदेशक डॉ.आरपी यादव, एनबीएजीआर के निदेशक डॉ. बीपी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
इन्हें मिला ऑनोरिस काउसा
राष्ट्रपति ने जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह, एनडीआरआई के सेवानिवृत्त निदेशक डॉ. बीएन माथुर व नीति आयोग के सदस्य रमेशचंद को ऑनोरिस काउसा प्रदान किया।
निवेश और नवाचार के साथ दूसरी श्वेत क्रांति के लिए यह सही समय : राज्यपाल
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एक वर्ष में तीसरी बार हरियाणा आने पर राष्ट्रपति का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा दुग्ध उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। एनडीआरआई में देसी गाय की बछड़ी का क्लोन बनाया गया है। भारतीय डेयरी उद्योग को देश के आर्थिक विकास में योगदान देने की क्षमता है। सही नीतियों, निवेश और नवाचार के साथ दूसरी श्वेत क्रांति के लिए यह सही समय है। एनडीआरआई का डेयरी विज्ञान, पशुपालन और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और शिक्षा में उत्कृष्टता का एक समृद्ध इतिहास रहा है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ती इनपुट लागत, नई बीमारियों का उभरना और पशु कल्याण उपायों के बारे में जागरूकता की कमी आदि कई चुनौतियां सामने हैं, मुझे विश्वास है कि यहां के विद्यार्थी इन चुनौतियों का समाधान खोजेंगे।
हरियाणा के साथ 60 फीसदी युवा डेयरी सेक्टर में जाने को तैयार : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एनडीआरआई के कारण करनाल विश्व स्तर पर चमका है। हरियाणा के किसान मेहनती हैं। एक सर्वे कराया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत युवा डेयरी क्षेत्र में आने को तैयार हैं। आबादी में दुनिया में पहले नंबर पर पहुंची है तो दूध की जरूरत भी बढ़ी है। उन्होंने साझा डेयरी के साथ ही बेरोजगारों को डेयरी उद्योग के लिए ऋण दिलाने की बात की। विद्यार्थियों का आह्वान किया कि शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए, सेवा का प्रयास करें। एनडीआरआई के निदेशक से आग्रह किया कि साल में एक बार पूर्व छात्रों का सम्मेलन भी बुलाएं।
कृषि की कल्पना बिना पशुपालन संभव नहीं : कृषि मंत्री
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि एनडीआरआई ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं, लेकिन आज ये बेहद महत्वपूर्ण संस्थान हैं। हम दुनिया के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन वाला देश बन गए हैं। कृषि की कल्पना, बिना पशुपालन के संभव नहीं है। हमारे देश में दूध की उपलब्धता 4.44 ग्राम प्रति व्यक्ति है, जबकि उपलब्धता 3.94 ग्राम है।
मातृशक्ति के नेतृत्व से डेयरी उद्योग बढ़ा : परषोत्तम
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि अर्थतंत्र को मजबूत करने के लिए देश में स्वतंत्र सहकारिता विभाग का गठन किया गया है। जहां ऋण एवं डेयरी क्षेत्र के किसानों को केसीसी दी जा रही है। इस ऋण एवं केसीसी में 20 लाख करोड़ तक आवेदन करने की घोषणा की गई है। छोटे किसानों को बड़े पैमाने पर उत्पादन से भी जोड़ा गया है। यह आज आठ करोड़ से अधिक रोजगार देने का कार्य कर रहा है। संपूर्ण डेयरी क्षेत्र का मातृशक्ति नेतृत्व कर रही है, जिससे यह बढ़कर नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
एनडीआरआई की खासियत
एनडीआरआई के निदेशक एवं कुलपति डॉ. धीर सिंह ने 1923 से लेकर 2023 तक की संस्थान की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने बताया कि संस्थान की शुरुआत 1923 में बंगलुरू में हुई थी। वर्ष 1955 में संस्थान करनाल में खुला। डेयरी क्षेत्र में 10 वर्ष से नंबर वन है। आईसीएआर की रैकिंग में पांच वर्ष से लगातार देश में नंबर एक पर है। देश का सबसे बड़ा लाइवस्टाक रिसर्च सेंटर है। वर्ष 1989 में संस्थान मानद विश्वविद्यालय बना और 16 विषयों में डिग्री देता है।