संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गर्मी और उमस ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। तापमान चढ़ रहा है और दाद और खुजली के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 200 लोगों की ओपीडी में करीब 35 प्रतिशत मरीज त्वचा पर होने वाले फंगल इन्फेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर युवा हैं।
नागरिक अस्पताल से त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप मान का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर के उन हिस्सों में नमी और पसीना ज्यादा जमा होता है, जहां हवा का प्रवाह कम होता है जैसे बगल, कमर, गर्दन और उंगलियों के बीच।
इस नमी की ठीक से सफाई नहीं होने के कारण, यह फंगस के पनपना शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार गर्मी में लोगों को पसीना आता है, तो वें उसे नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही इंफेक्शन को जन्म देती है। ये समस्या ज्यादातर खेल, एथलीट, जिम या शारीरिक गतिधि अधिक करने वाले लोगों में अधिक हो रही है।
संक्रमित जगहों पर खुजली, लाल चकत्ते, पपड़ी बनना या त्वचा का छिलना जैसे लक्षण नजर आते हैं। लेकिन ये इंफेक्शन का इलाज समय पर न हो तो लंबे समय तक रह सकते हैं। इसलिए इनका इलाज जरूरी है। इसके अलावा, ज्यादा तंग कपड़े पहनने, रोजाना न नहाने, नहाकर शरीर को बिना सुखाए गीले शरीर पर ही कपड़े पहनने के कारण भी यह परेशानी ज्यादा होती है।