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Karnal News: हर दूसरे दिन एक व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार

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- एक जनवरी से अब तक दर्ज हुए 71 मामले, चार साल में 427 के साथ की धोखाधड़ी
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जितेंद्र नरवाल
करनाल। जिले में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जनवरी से अब तक साइबर थाने में 71 मामले दर्ज हो चुके हैं। यानी हर दूसरे दिन औसतन एक व्यक्ति साइबर ठगों का शिकार हो रहा है। जबकि पिछले चार साल की बात करें तो अब तक करीब 427 मामले दर्ज हो चुके हैं। लोगों को झांसे में लेकर अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।
साइबर अपराध का ये आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। फरवरी 2021 में करनाल में साइबर थाना शुरू हुआ था। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यहां हर साल सैकड़ों लोग ऑनलाइन ठगी के जाल में फंसेंगे, लेकिन आंकड़े चौंकाने वाले हैं। दूसरी ओर साइबर ठगों पर नकेल लगाने में पुलिस ने काफी प्रयास किए हैं। कई को सलाखों के पीछे भेजा है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साइबर ठगी से बचने का केवल एक ही तरीका है और वो है जागरूकता।
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ओटीपी भेज या रिश्तेदार बनकर लगाते हैं चपत
साइबर ठग कभी फोन या मैसेज के जरिये ओटीपी पूछकर खाते से रुपये निकाल देते हैं, तो कभी क्यूआर कोड स्कैन करवा लोगों को झांसे में ले लेते हैं। कई मामलों में ठग ऑनलाइन टास्क के बहाने मोटी कमाई का लालच देकर ठगी कर रहे हैं। कुछ ठग खुद को विदेश में बैठा रिश्तेदार बताकर जाल में फंसा लेते हैं और फिर रुपये की मांग करने लगते हैं। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगकर भी खाते खाली किए जा रहे हैं। कभी शेयर मार्केट के ग्रुप में जोड़कर अतिरिक्त लाभ का लालच देना, निवेश की योजनाएं बताना, दोगुना लाभ देने का लालच देना आदि जानकारी लेकर खाता खाली कर रहे हैं। किसी भी असुरक्षित लिंक पर क्लिक करना या उसे शेयर करना। डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाना, यहां तक कि अब पानी-बिजली के मैसेज के जरिये भी ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा है।
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चार सालों में बढ़े मामले
2021 - 50 मामले
2022 - 72 मामले
2023 - 94 मामले
2024 - 140 मामले
2025 (जनवरी-अप्रैल) - 71 मामले
सावधानी जरूरी
साइबर थाना पुलिस प्रभारी संजय बताते हैं कि बढ़ते मामलों को देखते हुए आमजन को जागरूक करना जरूरी है। साइबर ठग लगातार नए हथकंडे अपनाते हैं। इसलिए हर नागरिक को खुद सतर्क रहना होगा। किसी को भी अपना ओटीपी, बैंक जानकारी, एटीएम पिन न बताएं। अजनबी द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें न किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें एवं उसे शेयर करें। कोई व्यक्ति खुद को रिश्तेदार बताकर रुपये मांगे तो पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करें। मुफ्त रिचार्ज, ऑनलाइन कमाई या इनाम जीतने के नाम पर मिलने वाले मैसेज या कॉल से सतर्क रहें। बिजली पानी के लिए भी जो बिल के संदेश आपको मिलें उनकी भी विभाग में जाकर पुष्टि करें। केवल जागरूक होकर ही आप साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। कोई संदेह होने पर तुरंत इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाना जाएं।
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