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रात को भी टोल प्लाजा पर लगता है लंबा जाम, वाहन चालकों के लिए पार पाना नहीं आसान

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दिन तो दिन रात में भी बसताड़ा टोल प्लाजा पार करना वाहन चालकों के लिए किसी जंग जीतने से कम नहीं है। पहले तो टोल कंपनी के इंतजाम पूरे नहीं होते। यदि गलती से पूरे हो भी जाएं तो कुछ वाहन चालक भी अपनी करतूतों से यहां के जाम का कारण बनते हैं। नेशनल हाईवे-44 पर दिल्ली और अमृतसर की ओर जाने वाले 24 घंटे में 40 हजार से ज्यादा वाहन टोल क्रॉस करते हैं। दिन के हालात तो हम सभी के सामने होते हैं। रात में जाम की वजह जानने जब अमर उजाला की टीम बसताड़ा टोल प्लाजा पहुंची। तो फास्टैग का ब्लैक लिस्ट होना, कुछ लेन का बंद रहना और टोल एरिया में भारी वाहनों का खड़ा रहना जाम के मुख्य वजह के रूप में सामने आए। इनके पीछे के क्या कारण है, पढ़िए इस स्पेशल रिपोर्ट में...
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1. हर 15 मिनट में एक ब्लैक लिस्ट वाहन फास्टैग लेन में होने से झगड़ा
पड़ताल में पता चला कि फास्टैग लेन में हर 15 मिनट में ऐसा एक वाहन घुसता है, जिसका कार्ड बैलेंस न होने के कारण ब्लैक लिस्ट श्रेणी में होता है। ऐसे में वाहन चालक को नियम अनुसार डबल टोल का भुगतान करना पड़ता है। टीम के सामने भी तीन केस ऐसे आए, जिनमें वाहन मालिक पैसे देने को लेकर टोलकर्मी से उलझते या झगड़ते हुए भी नजर आए। जब कोई उलझे न तो एक लेन से प्रति मिनट औसतन 8 वाहन निकलते मिले।
2. 13 में से 5 लेन एक साथ बंद, सिंगल कैश लेन पर भी कतार
टोल पर जाम की दूसरी बड़ी वजह सभी लेन का वर्किंग में न होना भी है। दिल्ली से करनाल आते हुए साइड में 13 टोल लेन हैं, इनमें से एक साथ 5 लेन (नंबर 3, 7, 8, 9 और 10) शाम से देर रात तक बंद रही। इसी तरह, दिल्ली की तरफ जाते हुए साइड की भी 3 लेन बंद मिली। एक नंबर लेन इमरजेंसी व वीआईपी के लिए हैं और 13 नंबर कैश लेन है। कैश वाहनों की संख्या भी अभी 20 प्रतिशत है। ऐसे में जाम लगना स्वाभाविक है।
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3. कोई नशा तो कोई नकली किन्नरों से कारण टोल पर रूक रहा
रात होते ही टोल एरिया में नशेड़ी और नकली किन्नर भी सक्रिय हो जाते हैं। यह भी एक कारण है कि यहां पर रात में काफी वाहनों के ब्रेक लगते हैं। टोल क्षेत्र में खड़े हुए ज्यादातर वाहन भारी संख्या में मिले। वहीं कुछ वाहनों टोल पार करके व टोल से पहले भी खड़े होते है। जिनके आस-पास नकली किन्नर मंडरा रहे थे। जो इशारों से वाहन चालकों को रोककर अपना शिकार बनाते हैं।
जानिए तीनों मुख्य कारणों पर क्या बोले टोल मैनेजर मुनीष कुमार
1. दो घंटे बाद कार्ड में आता है बैलेंस
कुछ वाहन चालक टोल पर पहुंचने के बाद या कुछ दूर पहले ही रिचार्ज करते हैं, जबकि रिचार्ज होने के करीब दो घंटे बाद कार्ड में बैलेंस आता है। फिर आल इंडिया सर्वर पर यह लोड होता है। अन्यथा ब्लैक लिस्ट ही दिखाएगा।
2. ट्रैफिक लोड कम और कर्मियों का ब्रेक होता है
रात में ट्रैफिक लोड कम होता है। इसलिए कुछ लेन बंद कर देते हैं। यदि लोड बढ़े तो खोल भी देते हैं। रात में जाम होने पर भी क्यों नहीं खुली तो उन्होंने कहा कि कर्मियों का रेस्ट ब्रेक है।
3. पुलिस गश्त करती है...
टोल पर दिन में और रात में पुलिस गश्त करती है। टोल बूथ पर हमारे गार्ड भी तैनात रहते हैं। यहां नकली किन्नरों और नशा करने वालों पर पर पुलिस कार्रवाई करें।
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