ई-दिशा केंद्र की तरह अब ईपीएफओ कार्यालय भी डिजिटल हो गया है। यहां किसी भी काम को कराने के लिए लोगों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। मशीन से खुद टोकन नंबर लें और वेटिंग एरिया में बैठकर आराम करें। नंबर की घोषणा होने के बाद ही वे संबंधित विंडो पर जाकर अपना काम करवा सकते हैं। ईपीएफओ कार्यालय में इस नई व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूछताछ काउंटर के अलावा चार मल्टी परपज विंडो बनाई गई हैं, जहां ईपीएफओ से संबंधित सभी कार्य होंगे। विदित हो कि करनाल स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में करीब तीन लाख कर्मचारी पंजीकृत हैं, जिनका हर माह ईपीएफ जमा होता है। रोजाना 350 से 400 लोग अपने कामों से कार्यालय पहुंचते हैं।
पहले ये थी व्यवस्था
अब तक ईपीएफओ कार्यालय में प्रत्येक काम के लिए अलग-अलग विंडो व केबिन था, जहां लोग लाइन में लगकर अपना काम करवाते थे। होता यूं था कि कई बार भीड़ होने के कारण नंबर भी आगे पीछे हो जाता था और बुजुर्गों को भी लाइनों में खड़े होकर अपना काम कराना पड़ता था, ऐसे में झगड़े की स्थिति भी बनती थी।
नई व्यवस्था का ये है लाभ
किसी भी व्यक्ति को अपने काम के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं।
अपने टोकन नंबर व स्क्रीन पर दिखाई दे रहे नंबर के आधार पर वे अपने अन्य जरूरी काम को भी निपटा सकते हैं।
बुजुर्ग भी अपना काम आराम से करा सकते हैं।
टोकन नंबर डिस्प्ले के साथ एनाउंसमेंट भी
कार्यालय की एंट्री पर ही टोकन मशीन लगी है, जहां पर संबंधित व्यक्ति खुद बटन दबाकर टोकन नंबर लेगा। मशीन से इसकी खुद ब खुद एंट्री विंडो पर चली जाएगी, जहां से एक व्यक्ति का काम पूरा होने के बाद विंडो पर बैठा कर्मचारी अगले नंबर को स्क्रीन पर फ्लैश करेगा। स्क्रीन पर आने वाले नंबर की एड्रेसल सिस्टम से एनाउंसमेंट भी होगी। साथ ही टोकन नंबर के साथ विंडो नंबर भी बताया जाएगा कि व्यक्ति को किस विंडो पर अपना काम कराना है।
ये होते हैं काम
ईपीएफओ कार्यालय में पैसा निकलवाने संबंधित क्लेम सेटलमेंट, नेम व खाते की डिटेल में संशोधन, पेंशन, यूएएन, केवाईसी व लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने संबंधित कार्य होते हैं। पहले ये सभी कार्य अलग-अलग विंडो और केबिन में होता था। अब सभी विंडो को मल्टी परपज करते हुए प्रत्येक विंडो पर ये कार्य होते हैं।
बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए अलग व्यवस्था
कार्यालय में अपने काम से आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था है। एंट्री के लिए रैंप, व्हील चेयर व अलग से टायलेट की व्यवस्था की गई है। इनके लिए अलग से स्टाफ भी लगाया गया है, जो उन्हें संबंधित काम की जानकारी भी देता है। लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने व पेंशन संबंधित कामों के लिए ज्यादातर बुजुर्गों का कार्यालय में आना होता है।
टोकन सिस्टम लागू करते हुए सभी विंडो को मल्टी परपज किया गया है। टोकन लेने के बाद किसी भी विंडो पर जाकर लोग अपना काम करवा सकते हैं। जनता की सुविधा के लिए ऐसी व्यवस्था लागू की गई है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है।
अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल।