करनाल। शाकाहारी भोजन को सेहतमंद माना जाता है लेकिन यदि थाली में पोषक तत्वों का संतुलन नहीं है तो उत्तम स्वास्थ्य संभव नहीं है। जिला अस्पताल में मरीजों की जांच इसी ओर इशारा करती है। पिछले एक महीने में करीब 600 एनीमिया के मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। विटामिन बी-12 की कमी के करीब 150, विटामिन डी की कमी के 80 से अधिक और प्रोटीन की कमी से संबंधित 35 मरीज सामने आए हैं। सभी शाकाहारी थे। चिकित्सकों के अनुसार, शाकाहारी थाली में पोषण का संतुलन जरूरी है। जंक फूड से भी दूरी बनाएं।
जिला नागरिक अस्पताल की जनरल फिजिशियन डॉ. प्रिया दलाल के अनुसार शाकाहारी लोगों में भी पोषण संबंधी कमियां देखने को मिल रही हैं। इनमें विटामिन बी-12 की कमी प्रमुख है। उनका कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि शाकाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि संतुलित शाकाहारी डाइट लेना जरूरी है। भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन नहीं होने पर कमी की समस्या हो सकती है।
डॉक्टर के अनुसार आज कई लोग शाकाहारी तो हैं लेकिन उनकी डाइट में जंक फूड की मात्रा बढ़ गई है। इससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसलिए शाकाहारी लोगों को भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
दाल-पनीर की जगह जंक फूड ने बढ़ाई परेशानी
आहार विशेषज्ञ वंदना रानी के अनुसार शाकाहारी थाली में दाल, चना, राजमा, पनीर, दूध-दही, हरी सब्जियां, फल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए। रोजाना के खानपान में सबसे बड़ी गलती तब होती है जब पौष्टिक भोजन की जगह पैकेट वाले खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड और अन्य जंक फूड ले लेते हैं।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
आयरन की कमी: थकान, कमजोरी, चक्कर और सांस फूलना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
विटामिन बी-12 की कमी: कमजोरी, थकान और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विटामिन डी की कमी: हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
प्रोटीन की कमी: कमजोरी और शरीर की सामान्य कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।