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इंजीनियर फेल, प्रोफेसर चलवाएंगे शुगर मिल

Wed, 21 Dec 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/करनाल
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मिल ने नए सत्र में की 52 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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कई दिनों से बंद पड़ी शुगर मिल को सुचारू रूप से चलाने में अब इंजीनियर भी फेल हो रहे हैं। प्रबंधन ने मिल को एनआईटी कुरुक्षेत्र के प्रोफेसर के हवाले किया है। यह प्रोफेसर मिल की सभी मशीनों की जांच कर पूरे सीजन मिल को व्यवस्थित तरीके से चलाने में स्थानीय इंजीनियरों की मदद करेंगे और कैसे यह चले उस पर मंथन करेंगे। मशीनों की जांच में अगर कोई कमी आती है तो वे अपनी टीम की भी मदद ले सकेंगे। साथ ही वे मिल के हालात के बारे में एक रिपोर्ट बनाकर भी मिल प्रबंधन को सौंपेंगे।
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प्रबंधन का दावा है कि पूरे सीजन प्रोफेसर की निगरानी में ही मिल रहेगी। वहीं, मिल प्रशासन अनुसार बीम मेंटिनेंस कार्य पूरा हो गया है, बुधवार को मिल शुरू होने की संभावना है। विदित हो कि, 6 दिसंबर की पिराई का सीजन शुरू होने के बाद से ही मिल किन्हीं न किन्हीं कारणों से बंद पड़ा है। 15 दिन मिल अभी तक सिर्फ 4 दिन ही चल पाई है। मिल शुरू होने के दो दिन बाद ही बॉयलर में खराबी आ गई थी। इससे, मिल चार दिन तक बंद रहा। इंजीनियर मेंटिनेंस कर 12 दिसंबर को दोपहर तक मिल को शुरू कर सके। लेकिन 24 घंटे बाद 13 दिसंबर को फिर से मिल के टरबाइन में खराबी आ गई। इससे मिल 12 घंटे तक बंद रहा। 14 दिसंबर को एक बार फिर से मिल में किसी तरह गन्ना की पिराई शुरू हुई, लेकिन 18 घंटे बाद दोबारा क्रिस्टलाइज टैंक का बीम टूटने के कारण मिल बंद हो गया। तब से मिल बंद है। यमुनानगर से आए स्पेशलिस्ट स्थानीय इंजीनियरों के साथ बीम को ठीक करने में जुटे हैं। मिल प्रशासन के अनुसार मिल में मेंटिनेंस का कार्य पूरा हो गया हैै। अगर सब कुछ सही रहा तो बुधवार को मिल को चालू कर दिया जाएगा।

सभी मशीनों की होगी दोबारा जांच
शुगर मिल की मशीनों में आ रही खराबी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए मिल प्रबंधन अब दोबारा से मिल की सभी मशीनों की एक्सपर्ट से जांच करा रहा है। अगुवाई एनआईटी कुरुक्षेत्र के एक प्रोफेसर कर रहे हैं। प्रोफेसर 17 दिसंबर से ही मिल में इंजीनियरों की टीम के साथ दोबारा सभी मशीनों की जांच व मेंटिनेंस कर रहे हैं। जिससे मिल पूरे सीजन सुचारू रूप से चल सके। साथ ही वे सभी मशीनों की गुणवत्ता की एक रिपोर्ट भी तैयार कर रहे हैं, जिससे मिल प्रबंधन प्लान के साथ कार्य कर सके।
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खराबी ठीक करने में खर्च हुए 3.83 करोड़
कंडम हो चुकी करनाल शुगर मिल कभी राज्य की सबसे कमाऊं मिल हुआ करती थी। लेकिन इस सीजन में यह मिल सबसे खर्चीली साबित हो रही है। अभी तक मिल बमुश्किल चार दिन ही चल पाई है, लेकिन इस दौरान ही इसके मेंटिनेंस में मिल प्रबंधन को 3.83 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ गए। जबकि चार दिन गन्ना पिराई से मिल को सिर्फ कुछ लाख रुपये का ही फायदा होगा। मिल द्वारा यह खर्च इस सीजन में अभी तक के मेंटिनेंस पर किया गया है। इसमें बाहर से बुलाई गई इंजीनियरों की टीम के खर्च के अलावा अभी तक खराब हुई सभी मशीनों की मेंटिनेंस को शामिल किया गया है।  

वाटर मैन के बाद अब इंजीनियर भी नपे
शुगर मिल के बॉयलर में 8 दिसंबर को आई खराबी की मिल प्रबंधन ने जांच पूरी कर ली है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में मिल प्रबंधन ने जहां पहले ही एक वाटरमैन को सस्पेंड कर दिया था, वहीं अब एक इंजीनियर पर भी लापरवाही बरतने के आरोप में चार्जशीट दायर की गई है। विदित हो कि 8 दिसंबर की रात को मिल के बॉयलर की 44 ट्यूब पानी की कमी के कारण लीक हो गई थी। जांच में इस घटना में इन कर्मचारियों की लापरवाही पाई गई।

फाइनल चेक के बाद आज शुरू होगा मिल
मिल में मेंटिनेंस का कार्य पूरा हो चुका है। हमारी टेक्निकल टीम मशीनों की फाइनल टेस्टिंग कर रही है। टीम की तरफ से क्लीयरेंस मिलने के बाद बुधवार को मिल को शुरू कर दिया जाएगा। प्राथमिकता कर्मचारियों और मिल को सुरक्षित करना है। उम्मीद है कि अब पूरा सीजन मिल और किसानों के लिए अच्छा निकलेगा।
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वर्षा खांगवाल, एमडी, शुगर मिल करनाल
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