करनाल। राज्य स्तरीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2024-25 के लिए विभिन्न श्रेणियों के पात्र उपभोक्ताओं से आवेदन आमंत्रित मांगे गए हैं। छह दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अतिरिक्त उपायुक्त व मुख्य परियोजना अधिकारी सोनू भट्ट ने बताया कि हरियाणा राज्य में स्थित औद्योगिक, वाणिज्यिक, राजकीय संस्थागत, समूह आवासीय भवनों को ऊर्जा संरक्षण क्षेत्र में श्रेष्ठ उपाय करने, तकनीक अपनाने, ऊर्जा दक्षता हासिल करने के लिए राज्य ऊर्जा संरक्षण पुरस्कारों से अलंकृत किया जाता है। इसके अलावा इनोवेशन, नई प्रौद्योगिकियां, अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं जिनमें नवीन प्रचार परियोजनाएं शामिल हों, ऊर्जा संरक्षण में अनुसंधान और नवाचार, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट से ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, कुशल प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में श्रेष्ठ कार्य करने वाली संस्थाएं भी राज्य ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन पुरस्कारों में नकद राशि, शील्ड तथा प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि योजना के दिशा-निर्देशों की एक प्रति हरेड़ा की वेबसाइट www.hareda.gov.in पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के कमरा नंबर 16 दूसरी मंजिल पर संपर्क कर सकते हैं। ब्यूरो
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प्रधानमंत्री पुरस्कारों के लिए 15 तक कर सकते हैं आवेदन
करनाल।
केंद्र सरकार की ओर से लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कारों के लिए पंजीकरण और आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 15 नवंबर तक अपना आवेदन जमा करा सकते हैं। पुरस्कार प्रथम श्रेणी जिलों का समग्र विकास, द्वितीय श्रेणी आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम व श्रेणी नवाचार में प्रदान किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए पोर्टल https://pmawards.gov.in/ और दूरभाष 011-23367966 पर संपर्क किया जा सकता है। डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि प्राथमिकता कार्यक्रमों, नवाचारों और आकांक्षी जिलों में जिला कलेक्टरों के प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए 2014 में इस योजना का पुनर्गठन किया गया। जिले के आर्थिक विकास की दिशा में जिला कलेक्टरों के प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए 2020 में इस योजना का फिर से पुनर्गठन किया गया। रचनात्मक प्रतिस्पर्धा, नवाचार, प्रतिकृति और सर्वोत्तम प्रथाओं के संस्थागतकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 2021 में एक नए दृष्टिकोण के साथ योजना को नया रूप दिया गया। इसी को ध्यान में रखते हुए, पुरस्कारों के लिए आवेदनों का मूल्यांकन तीन मानदंडों सुशासन, गुणात्मक और मात्रात्मक आधार पर किया जाएगा। ब्यूरो