शहर के सेक्टरों से लेकर पुराने इलाकों में अतिक्रमण की समस्या नासूर बन गई है। बार-बार नगर निगम की ओर से अभियान चलाने के बावजूद सड़कें, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थान अतिक्रमण की चपेट में हैं। खासतौर पर मीरा घाटी चौक, सेक्टर-7, सेक्टर-13 और अटल पार्क के आसपास हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। यहां फुटपाथ दिखता ही नहीं है।
अतिक्रमण के कारण शहरवासियों को रोजाना कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ नहीं बचे, सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है साथ ही गंदगी और अव्यवस्था फैल रही है। शहर के लोगों का कहना है कि अब केवल औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान निकालना जरूरी है। इसके लिए नियमित निगरानी, सख्त कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था जैसे रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए निर्धारित स्थान सुनिश्चित करनी होगी।
मीरा घाटी चौक पर रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा बना हुआ है। यहां सुबह से लेकर देर शाम तक सड़क किनारे ही दुकानों की कतार लग जाती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से निकलना तक मुश्किल हो जाता है, खासकर भीड़भाड़ के समय जाम की स्थिति बन जाती है।
सेक्टर-7 में स्थिति और भी गंभीर है। यहां फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो चुके हैं और उनकी जगह स्थायी कब्जे हो गए हैं। कई स्थानों पर लोगों ने दुकानों से लेकर ढाबे तक बना लिए हैं। ऐसे में पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है और उन्हें मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है।
सेक्टर-13 और अटल पार्क के बाहर भी कब्जा
सेक्टर-13 में फुटपाथों पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने कब्जा जमा रखा है। अटल पार्क के बाहर भी रेहड़ियों की कतार लगी रहती है। यहां फुटपाथों पर अस्थायी दुकानों की भरमार है, जो धीरे-धीरे स्थायी रूप लेती जा रही हैं। कई जगहों पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें पीली पट्टी के बाहर तक फैला दी हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है।
अतिक्रमण और फुटपाथ पर कब्जों की समस्या के खिलाफ निगम का अभियान लगातार चलता रहा है। ये अभियान आगे भी जारी रहेगा। -अशोक कुमार, अतिरिक्त, निगम आयुक्त