माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। डंकी रूट से अमेरिका जाने के दौरान ईरान के तेहरान में डंकरों के चुंगल में फंसे करनाल के दो युवकों जांबा निवासी ऋतिक (24) और दादूपुर गांव निवासी पवन (40) को वापस लाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। करनाल पुलिस की ओर से विदेश मंत्रालय को ई-मेल किया गया है। परिजन की शिकायत पर विदेश भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
परिवार के अनुसार, 22 अक्तूबर को भाई दूज के दिन दोनों युवक अपने-अपने गांव से निकले थे। एजेंटों के माध्यम से पहले वे कोलकाता पहुंचे। वहां से बैंकॉक (थाईलैंड) और आगे ईरान के तेहरान पहुंचे। एजेंटों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ईरान से होते हुए वे यूरोप और फिर अमेरिका तक पहुंच जाएंगे। लेकिन दोनों तेहरान में डोंकर (मानव तस्कर) के चंगुल में फंस गए। डोंकर ने उन्हें नग्न कर बुरी तरह से पीटा और इसका वीडियो बनाकर परिजन को भेज दिया। 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। इन मानव तस्करों का कहना है कि अगर परिजन ने पैसे नहीं दिए तो वे दोनों युवकों की किडनी तक बेच देंगे। वीरवार को दोनों के परिजन एसपी से मिलने पहुंचे थे।
करनाल, कुरुक्षेत्र और कोलकाता के एजेंटों ने फंसाया
ऋतिक की मां का कहना है कि दोनों युवा कुछ सालों से विदेश जाकर कमाने का सपना देख रहे थे। उन्हें करनाल, कुरुक्षेत्र और कोलकाता के एजेंटों ने फंसाया है। दोनों ने करनाल और कुरुक्षेत्र के एजेंटों के जरिए विदेश जाने की तैयारी की थी। परिजन ने बताया कि करनाल के पास एक गांव के मनीष नामक एजेंट ने दोनों को झांसे में लिया। मनीष ने उन्हें कुरुक्षेत्र के अंकुश नाम के एजेंट से मिलवाया, जिसने आगे कोलकाता स्थित संपर्कों के माध्यम से पूरा इंतजाम किया। उन्होंने अपने बेटों को विदेश भेजने के लिए दो-दो लाख यूरो और तीन से चार लाख रुपये नकद एजेंटों को दिए थे।
वीडियो में अमानवीय व्यवहार देखकर नहीं रुक रहे आंसू
मानव तस्करों की ओर से भेजे वीडियो में दोनों युवाओं के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार से परिजन दहल गए हैं। उनके आंसू नहीं रुक रहे हैं। वीडियो में दोनों युवक घायल हालत में दिख रहे हैं। डोंकरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा है और अमानवीय परिस्थितियों में रखा हुआ है। उनके शरीर पर वस्त्र नहीं हैं। उन्हें बांधा हुआ है। लाठी से उनकी पिटाई की जा रही है। उनकी चीखें और शरीर पर गहरे काले निशान हालात बयां कर रहे हैं।
दोनों परिवारों की ओर से मिली जानकारी के आधार पर निगदू और करनाल के सदर थाना में केस दर्ज किया गया है। युवकों को सकुशल वापस लाया जा सके, इसके लिए विदेश मंत्रालय को ई-मेल करके प्रक्रिया शुरू की गई है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए जारी वीडियो, मोबाइल नंबर व परिवार से मिले इनपुट भी साझा किए गए हैं। - गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल