गर्मी शुरू होते ही सीएम सिटी में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। शहर की कई कालोनियों में दिनभर में मात्र एक से दो घंटे ही पानी का सप्लाई हो पा रही है। वहीं अवैध कालोनियों में हाल और भी बुरा है। इन कालोनियों में रहने वाले लोगों को अभी से पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। पानी सप्लाई में हो रही दिक्कत का सबसे बड़ा कारण अघोषित बिजली कट हैं। इससे निपटने के लिए पब्लिक हेल्थ ने इस साल अपने कई ट्यूबवेलों पर टाइमर भी लगवा दिया है, लेकिन तब भी यह सुविधा घरों में पूरी तरह पानी पहुंचाने में नाकाम साबित हो रहा है।
इसका दूसरा सबसे बड़ा कारण यह भी है कि इस समय सप्लाई के हिसाब से पानी की मांग दोगुना हो गई है। पब्लिक हेल्थ विभाग लोगों की प्यास बुझाने के लिए प्रतिदिन 6 करोड़, 45 लाख 12 हजार लीटर पानी का सप्लाई कर रहा है। पानी किल्लत का यह सिलसिला पिछले एक सप्ताह से जारी है। शहर की दर्जनों कालोनियां ऐसी हैं, जहां पर सिर्फ कुछ घंटों के लिए ही पानी का सप्लाई हो पाता है। साथ ही पानी कब आएगा, लोगों को इसकी भी जानकारी नहीं मिल पाती। जब पानी आने का समय होता है तो बिजली ही नहीं आती। पब्लिक हेल्थ के जेई रवि कुमार ने बताया कि बिजली कट के कारण पानी सप्लाई प्रभावित हो रह है।
बिजली निगम ने हाल ही में अपने बिजली सप्लाई के शेड्यूल में बदलाव किया था, निगम के अनुसार हमने भी पानी सप्लाई के शेड्यूल में बदलाव कर सुबह 5 से 9.30, दोपहर 12 से 2 और शाम को 5 से 10 बजे तक पानी सप्लाई कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान अगर बिजली कट लगता है तो घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। रवि ने कहा कि पानी सप्लाई के दौरान हमें काफी समय पाइप में प्रेशर बनाने में लगता है, इसके बाद पानी घरों तक पहुंचता है। कई ट्यूबवेलों से आखिरी घर पर पानी पहुंचने में आधे से एक घंटे लग जाता है। अगर इस दौरान बिजली कट लगता है तो हमें पूरे प्रक्रिया को फिर से दोहरानी पड़ती है। है।
बढ़ाए गए ट्यूबवेल 5 नए
गर्मी शुरू होने से पहले पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पब्लिक हेल्थ ने अपने ट्यूबवेल की संख्या बढ़ाई है। इसमें 5 नए ट्यूबवेल के साथ 13 ऐसे ट्यूबवेल हैं, जो पानी छोड़ चुके थे, जिन्हें फिर से बोरिंग कर चालू किया गया। जिससे अब पब्लिक हेल्थ विभाग के पास पानी सप्लाई करने के लिए 96 ट्यूबवेल हो गए हैं। इन ट्यूबवलों से शहर के 35,600 सेक्शन कनेक्शन के साथ हजारों अवैध कनेक्शनों पर भी पानी सप्लाई की जाती है।
20 दिन में पानी खपत हुई दोगुनी
अप्रैल माह में गर्मी शुरू होते ही शहर में पानी की खपत दोगुनी हो गई है। इस समय पब्लिक हेल्थ विभाग शहर में प्रतिदिन 6 करोड़, 45 लाख 12 हजार लीटर पानी की सप्लाई कर रहा है। जबकि मार्च के अंतिम सप्ताह तक पानी की सप्लाई प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर तक किया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी देना होता है, लेकिन इस समय प्रति व्यक्ति 180 लीटर के हिसाब से पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी लोगों को पानी कम पड़ रहा है।
इन कालोनियों में है पानी की सबसे ज्यादा किल्लत
इस समय शहर के कई कालोनियों में पानी की किल्लत बढ़ रही है, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत, रामनगर, प्रेमनगर, शिव कॉलोनी, आदर्श नगर, शांती नगर, शास्त्री नगर, एकता कॉलोनी, हकीकत नगर, हांसी रोड, शिवाजी कालोनी, रमेश नगर, कोट मोहल्ला, दयालपुरा मोहल्ला, रामदेव कॉलोनी, श्याम नगर, सैनी कॉलोनी, वजीर चंद कॉलोनी, बहादुर चंद कॉलोनी में है। यहां पर रहने वाले लोग सरकारी हैंडपंप से पानी भरकर काम चला रहे हैं। रामदेव कॉलोनी में रहने वाले राधेश्याम, लोकेश और मोहित ने बताया कि यहां पर प्रतिदिन बिजली के दर्जनों कट लग रहे हैं, जिसके कारण पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है। हमलोग हैंडपंप से पानी भरकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए हमारी तरफ से पूरा प्रयास किया जा रहा है। बिजली कट के हिसाब से पानी सप्लाई के शेड्यूल को बढ़ाया जाता है। हालांकि अघोषित बिजली कट के कारण कई बार दिक्कतें आती हैं।- सतपालचुघ, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ, करनाल।