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Karnal News: भूमिगत होगी बिजली लाइन, लटके तारों से मिलेगी निजात

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-योजना पर खर्च होंगे 30 करोड़ रुपये, एक अप्रैल से शुरू होगा कार्य
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- अंधड़ व बारिश में भी फाल्ट की संभावना रहेगी कम, शहर के पांच क्षेत्र चिह्नित





सुखदेव चौहान



करनाल। बिजली निगम की शहर में तारों को भूमिगत करने की परियोजना अब सिरे चढ़ेगी। यह कार्य दो वर्षों से अटका था। अब पंचकूला से 30 करोड़ रुपये का ई- टेंडर हुआ है। यह दिल्ली की गो पावर कंपनी को दिया गया है। कंपनी की ओर पहले शहर में चिन्हित मुख्य पांच जगहों की हाई व लो टेंशन तारों को भूमिगत किया जाएगा। बिजली निगम की ओर से इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सर्वे कार्य हो चुका है। एक अप्रैल से कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

इस कार्य के लिए पहले भी पंचकूला से टेंडर हुआ था लेकिन दिल्ली की जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था उसके दस्तावेजों में कमी पाई जाने के कारण कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था। शहर में जगह-जगह लटके बिजली तारों से जहां हादसे का खतरा बना रहता है, वहीं शहर की सुंदरता पर भी दाग लग रहा है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए यह परियोजना शुरू की जा रही है।
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बिजली के तार भूमिगत होने से आंधी व बारिश में भी बिजली आपूर्ति में फाल्ट आने की संभावना कम रहेगी और शहरवासियों को निर्बाध बिजली मिलेगी। इस योजना के तहत प्रथम चरण में सिविल अस्पताल चौक पर तीन किलोमीटर बिजली लाइन को भूमिगत किया जाना था। उसके बाद मेरठ रोड पर काम शुरू होना था। इस परियोजना का काम शुरू करने से पहले लघु सचिवालय में पूर्व सांसद संजय भाटिया ने बिजली निगम अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें अफसरों को जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसमें लाइन बदलने के साथ-साथ फीडरों को भी बदले जाने की योजना थी। - संवाद




शुरुआत में चिह्नित क्षेत्र

- आंबेडकर चौक से घंटा घर चौक

- घंटाघर चौक से सब्जी मंडी चौक

- कुंजपुरा रोड से सिविल अस्पताल चौक

- सब्जी मंडी चौक से मीरा घाटी चौक होते हुए मेरठ रोड पर मारुती शोरूम तक




ट्रांसफार्मर हटाकर स्थापित होंगे कॉम्पैक्ट सेकेंडरी सबस्टेशन



बिजली लाइनों को भूमिगत करने की परियोजना में ट्रांसफार्मर हटाकर कॉम्पैक्ट सेकेंडरी सबस्टेशन लगाएं जाएंगे। कॉम्पैक्ट सेकेंडरी सबस्टेशन (सीएसएस) एक प्रकार का परीक्षण व आर्क परीक्षण किया गया असेंबली है जिसमें एमवी सिस्टम से एलवी ऊर्जा की आपूर्ति के लिए मध्यम वोल्टेज (एमवी) स्विचगियर, वितरण ट्रांसफार्मर, कम वोल्टेज (एलवी) स्विचबोर्ड, कनेक्शन और सहायक उपकरण युक्त एक संलग्नक शामिल है। ये सबस्टेशन स्थापित होने पर फाल्ट ठीक करने में आसानी होगी।
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शहर में बिजली की लाइनों को भूमिगत करने का कार्य एक अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इस परियोजना के लिए प्रथम चरण में 30 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह कार्य दिल्ली की गो पावर कंपनी को दिया गया है। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शहर का सर्वे कार्य पहले ही करवाया जा चुका है।



- कशिक मान, अधीक्षक अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम
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