समर्सिबलों की जांच करते पहुंची बिजली बोर्ड की टीम। संवाद
घरौंडा। गांव हसनपुर में ग्राम पंचायत की ओर से लगाए गए 17 समर्सिबलों को लेकर की गई शिकायत के बाद वीरवार को बिजली बोर्ड की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। टीम ने विभिन्न स्थानों पर लगाए गए समर्सिबलों का निरीक्षण किया और संबंधित जानकारी जुटाई।
शिकायतकर्ता गांव निवासी विशाल का आरोप है कि करनाल जिला डार्क जोन में आता है। इसके बावजूद पंचायत ने गांव में 17 समर्सिबल लगाए गए। आरोप है कि इनमें से कई समर्सिबल चुनिंदा लोगों के घरों के सामने लगाए गए हैं और उनका पानी सार्वजनिक उपयोग के बजाय निजी तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। विशाल ने बताया कि आरटीआई के तहत संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की और मामले की विजिलेंस स्तर पर जांच कराने की मांग की। उनका दावा है कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय से मिले अलग-अलग पत्रों में एक समर्सिबल की लागत अलग-अलग दर्शाई गई है। एक पत्र में करीब 68 हजार, जबकि दूसरे में करीब 65 हजार रुपये प्रति समर्सिबल की राशि बताई गई है।
मिट्टी खनन विवाद के बाद अब समर्सिबल मामला भी जांच के घेरे में
हसनपुर ग्राम पंचायत पहले ही श्मशान भूमि से कथित रूप से मिट्टी उठाने के मामले को लेकर विवादों में है। इस मामले में पंचायत विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं। अब समर्सिबल लगाने की शिकायत के बाद पंचायत के विकास कार्यों और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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जांच पूरी होने के बाद सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच के लिए गांव पहुंचे बिजली बोर्ड के एसडीओ अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीण विशाल की शिकायत के आधार पर टीम गांव में पहुंची थी। उन्होंने कहा कि गांव में समर्सिबल लगे हुए मिले हैं, लेकिन मामले की पूरी जांच अभी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।