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Karnal News: बेटे की विरासत संभालने उतरे पिता, जिला परिषद उपचुनाव में 384 वोट से जीते पाल सिंह

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बेटे की विरासत संभालने उतरे पिता, जिला परिषद उपचुनाव में 384 वोट से जीते पाल सिंह
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आठ माह पहले बेटे कृष्ण कुमार की हुई थी मौत, खाली हुई सीट पर पिता ने दर्ज की जीत
जीत के बाद भी घर में नहीं मना जश्न, बेटे के गम में भावुक रहा परिवार
करनाल। जिला परिषद वार्ड नंबर-10 के उपचुनाव में पाल सिंह ने 384 वोटों से जीत हासिल कर सीट अपने नाम कर ली। इस चुनाव में जीत के साथ एक भावुक कहानी भी जुड़ी रही, क्योंकि जिस सीट पर पाल सिंह विजयी हुए, उसी सीट पर पहले उनके बेटे कृष्ण कुमार जिला परिषद सदस्य थे। करीब आठ माह पहले हृदय गति रुकने से कृष्ण कुमार की अचानक मौत हो गई थी, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। अब हुए उपचुनाव में पिता ने मैदान में उतरकर बेटे की विरासत संभाल ली।
उपचुनाव के नतीजों में पाल सिंह को कुल 6529 वोट मिले, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी बंसीलाल को 6145 वोट प्राप्त हुए। इस तरह पाल सिंह ने 384 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव में तीसरे स्थान पर अक्षय रहे, जिन्हें 1257 वोट मिले, जबकि गुरमीत सिंह को केवल 603 वोटों से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 122 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।
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वार्ड नंबर-10 के इस उपचुनाव में कुल 14656 वोट डाले गए। मतगणना के दौरान शुरू से ही पाल सिंह और बंसीलाल के बीच कांटे की टक्कर बनी रही, लेकिन अंतिम दौर में पाल सिंह ने बढ़त बनाते हुए जीत सुनिश्चित कर ली। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी जरूर दिखी, लेकिन परिवार के भीतर माहौल भावुक बना रहा।
दरअसल, पाल सिंह के बेटे कृष्ण कुमार क्षेत्र में सक्रिय जनप्रतिनिधि माने जाते थे। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार और समर्थकों को बड़ा सदमा लगा था। लंबे समय तक सीट खाली रहने के बाद जब सरकार ने उपचुनाव की घोषणा की तो परिवार और समर्थकों के आग्रह पर पाल सिंह ने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया। लोगों ने इसे बेटे के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी के रूप में देखा।
जीत मिलने के बावजूद परिवार में किसी प्रकार का जश्न या हर्षोल्लास नहीं मनाया गया। न ढोल बजे और न ही आतिशबाजी हुई। परिवार अब भी बेटे के निधन के दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। पाल सिंह ने भी जीत को जनता का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि वे बेटे द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
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उधर, क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह जीत केवल एक चुनावी जीत नहीं बल्कि दिवंगत कृष्ण कुमार के प्रति लोगों की श्रद्धा और विश्वास का परिणाम भी है। चुनाव परिणाम के बाद समर्थकों और ग्रामीणों का तांता पाल सिंह के निवास पर लगा रहा, जहां लोगों ने उन्हें जीत की बधाई देने के साथ दिवंगत कृष्ण कुमार को भी याद किया।
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