करनाल। सर्दी अभी खुल कर पड़ी भी नहीं लेकिन इसका असर नवजात शिशुओं के साथ बुजुर्गों पर ही पड़ा है। जिला नागरिक अस्पताल की सामान्य फिजिशियन की ओपीडी 350 पार जा चुकी है वहीं दूसरी ओर टीबी विभाग की ओपीडी में रोजाना 240 से 250 तक मरीज पहुंच रहे है।
टीबी के मेडिकल ऑफिसर ट्रीटमेंट यूनिट (एमओटीयू) डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सर्दी से टीबी की ओपीडी रोजाना बढ़ रही है। पहले उनकी ओपीडी 150 तक रहती थी। अब 200 से 250 के बीच पहुंच चुकी है। ओपीडी में अब खांसी, दमा, अस्थमा व टीबी के मरीजों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को खांसी, छाती में दर्द, सांस फूलने सहित गर्दन में दर्द की समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके साथ ही जनरल फिजिशियन की ओपीडी में भी सामान्य मरीजों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। उनकी ओपीडी में भी रोजाना 300 से 350 के बीच रहती है।
जरूरी न हो तो घर पर रहें सुरक्षित
डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों को वे घर रहने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि इस समय सांस के मरीजों का बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में घर पर रहकर ही मरीज अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं। उसके बावजूद मरीजों को बाहर निकलना है तो मास्क जरूर पहनें और जब भी पानी पीएं उसे उबाल कर चाय की तरह सिप कर चुस्की लेते हुए पीएं। यह सांस और छाती से संबंधित रोगियों के लिए लाभदायक है। वहीं ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े जरूर पहनें।
वर्जन
अभी फिलहाल हल्की सर्दी पड़नी शुरू हो चुकी है। अगर इस सर्दी में भी इतने मरीज सामने आ रहे है तो कड़ाके की ठंड में मरीज बढ़ सकते है। ऐसे में मरीजों को जरूरत के हिसाब से ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। वहीं सर्दी से बचाव के उपाय बताए जा रहे है।
डॉ. सिम्मी कपूर, डिप्टी सिविल सर्जन, करनाल।