संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण नगरी को धरा को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग की ओर से आठ लाख पौध लगाई गई। यह पौध स्कूली बच्चों, जल शक्ति अभियान, विभागीय कार्यालयों, खेतों व सरकारी वन भूमि पर रोपित की गई। पहली बार ऐसा हुआ कि इन पौध में से 96 प्रतिशत पौध उभर का पौधे का रूप ले गई हैं। इस मुख्य कारण लगातार हो रही बारिश पौध के विकसित होने के लिए वरदान साबित हो रही है।
वन विभाग की ओर से जिले की आठ नर्सरियों से तैयार की गई पौध में फलों के साथ-साथ छायादार पौध भी लगाई गई है। मानसून की शुरुआत में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने का आह्वान किया गया था। वन विभाग के आंकड़ों अनुसार सरकारी वन भूमि पर करीब ढाई लाख पौध रोपित की गई है। वहीं किसानों के खेतों में साढ़े तीन लाख पौध रोपित की गई है। वहीं पौधगीरी अभियान के अंतर्गत स्कूली छात्रों की ओर से 45 हजार पौध लगाई गई। जल शक्ति अभियान के अंतर्गत एक लाख 10 हजार पौधे लगाई गई। इसके अलावा एक लाख 15 हजार पौध लोगों को निशुल्क वितरित की गई। पहले मानसून पौधरोपण के बाद केवल 65 से 70 प्रतिशत पौध विकसित हो पाती थी। वन विभाग के अनुसार जिले की 38 प्रतिशत भूमि पर हरियाली होना जरूरी है जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। यहां अभी तक 27 प्रतिशत भाग ही हरा भरा है, हमें अभी भी 11 प्रतिशत भू भाग पर पौध रोपण करना होगा ताकि धरा हरी-भरी हो और लोगों को साफ व स्वच्छ वातावरण मिल सके। वन विभाग के साथ-साथ शहर में कुछ सामाजिक संस्थाएं ऐसी भी है जो धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।