संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 217 तक पहुंच चुकी है। इस सीजन में 152 मरीज अक्तूबर के 23 दिनों में मिले हैं। जिससे डेंगू का खतरा बरकरार है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है। टीमों ने बुधवार को 6228 घरों में मच्छर के लार्वा की जांच की। इनमें से 60 घरों में लार्वा मिले और 21 मकान मालिकों को नोटिस थमाया। साथ ही आठ लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं।
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 11,46,052 घरों को कवर कर लिया है। जिनमें से अभी तक 7567 घरों में लार्वा मिल चुके हैं और टीमों ने 3915 मकान मालिकों को नोटिस थमाया है। वहीं जिले में बुखार से पीड़ित 6695 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। जिनमें से जिले में अब तक 217 डेंगू के केस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सर्वे के दौरान टीमों को मिल रहे बुखार से पीड़ित मरीजों के ब्लड स्लाइड बनाई जा रही है।
डेंगू के लक्षण
बायोलॉजिस्ट पिंकी ने बताया कि डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है। उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं से कोई दवा लेकर सेवन न करें।