करनाल। जिले में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली निगम ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगम ने नए सब स्टेशन निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, लोड बैलेंसिंग और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में बिजली की अधिकतम मांग 1337 मेगावाट तक थी। वहीं वर्ष 2025 में जुलाई माह के दौरान यह मांग बढ़कर 1590 मेगावाट दर्ज की गई। अधिकारियों का अनुमान है कि इस वर्ष गर्मी के मौसम में बिजली की मांग करीब 200 मेगावाट तक और बढ़ सकती है। ऐसे में निगम ने पहले से ही तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
- छह नए 33 केवी सब स्टेशन निर्माणाधीन
बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए जिले में छह नए 33 केवी सब स्टेशन निर्माणाधीन हैं। इनमें भोरमाजरा, अमरगढ़, नरुखेड़ी, आलीपुर वीरान, कलसौरा और बालू क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन सब स्टेशनों को गर्मी के मौसम से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नए सब स्टेशन शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में वोल्टेज समस्या कम होगी और ओवरलोडिंग से राहत मिलेगी।
- छह सब स्टेशनों की क्षमता में की वृद्धि
बढ़ते लोड के कारण छह सब स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। रत्तक सब स्टेशन की क्षमता 18 एमवीए से बढ़ाकर 22.5 एमवीए, धाकवाड़ा की 12.5 से 25 एमवीए, घरौंडा की क्षमता 30 से 37.5 एमवीए, श्यामगढ़ की क्षमता 22.5 से 25 एमवीए, सग्गा की 20 से 25 एमवीए और रसीदपुर की क्षमता 20 से बढ़ाकर 30 एमवीए की जा रही है। इससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- आपात स्थिति के लिए मोबाइल ट्रांसफार्मर तैयार
किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए निगम ने 48 मोबाइल ट्रांसफार्मर ट्रॉली तैयार रखी हैं। इन ट्रॉलियों को तुरंत प्रभावित क्षेत्र में भेजकर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। सब डिवीजन स्तर पर ट्रांसफार्मर बैंक का रखरखाव भी किया जा रहा है, जिससे खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदला जा सके और उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।
- ट्रांसफार्मरों की बढ़ाई क्षमता, 60 नए लगाए
बिजली निगम ने जिले में 75 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही 60 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए हैं। वहीं 250 ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। लोड बैलेंसिंग से किसी एक लाइन या ट्रांसफार्मर पर अधिक भार नहीं पड़ेगा, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी। इससे तकनीकी खराबियों और फॉल्ट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
- उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर आपूर्ति
बिजली निगम के करनाल सर्किल के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग चरम पर होती है, इसलिए समय रहते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है। निगम ने फील्ड सदस्यों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी शिकायत या तकनीकी खराबी का तुरंत समाधान किया जा सके।
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