करनाल। प्रदेशभर के एजुसेट चौकीदार व मिड-डे-मील कर्मचारियों ने अपने हक के लिए वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर रोष जताया। वही राज्य प्रधान मुकेश संदोल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार उन्हें वार्ता का समय नहीं देती है तो प्रदेशभर के 3788 एजुसेट चौकीदार लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें 10 की बजाय पूरे साल का वेतन दिया जाए और नियमित किया जाए। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 11 दिसंबर को भी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता का समय लेने के लिए धरना देकर ज्ञापन सौंपा था। सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर ये कर्मचारी लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए है।
उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 3788 एजुसेट चौकीदार कार्यरत है। इनके अलावा 4900 पार्ट टाइम चौकीदार कार्य कर रहे है। इन्हीं के साथ प्रदेशभर में 28 हजार मिड-डे मिल कर्मी भी कार्यरत है। चौकीदारों का कहना है कि भाजपा सरकार ने 11 नवंबर 2003 की विभागीय नीति के अनुसार एजुसेट चौकीदारों को नियमित करने व विद्यालयों में कार्यरत मिड-डे मिल कर्मियों को भी उनके सामान वेतन देने का वायदा किया गया था। इस संदर्भ में सरकार को कई बार ज्ञापन भी सौंपे जा चुके है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एजुसेट चौकीदारों का कहना है कि वह पिछले 15 व 20 वर्षों से प्रदेश के विद्यालयों में कार्यरत है। वह विद्यालयों में चौकीदार के काम के साथ, माली, स्वीपर व अन्य कई कार्य करते है। इसके बदले में उन्हें साल में केवल 10 माह का ही वेतन दिया जाता है उनका कहना है कि विद्यालयों में कार्य करते-करते अब उनकी उम्र निकल चुकी है कई चौकीदार तो दुर्घटनाओं का शिकार होकर मर भी चुके है। अब वह कहीं ओर काम करने लायक भी नहीं रहे है। इस मौके पर संगठन मंत्री धर्मपाल, कोषाध्यक्ष जगदीश कुमार, करनाल के प्रधान बलकार समेत सैकड़ों एजुसेट चौकीदारों व मिड-डे मिल कर्मी मौजूद रहे।
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यह है मुख्य मांगें
- एजुसेट चौकीदारों को विभागीय नीति 11 नवंबर 2003 के अंतर्गत नियमित किया जाए।
- एजुसेट चौकीदारों व मिड मिल कर्मियों को साल के 10 माह की बजाय 12 माह का वेतन दिया जाए।
- मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए 14 हजार रुपये वेतन की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना जारी की जाए।
- एजुसेट चौकीदारों को सरकार की हरियाणा कौशल रोजगार योजना में न जोड़ा जाए।
- चौकीदारों के ड्यूटी समय का निर्धारण किया जाए, साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान किया जाए।
- चौकीदारों को सेवानिवृत्त की उम्र 65 वर्ष की जाए तथा पांच लाख रुपये दिये जाए।
- मिडे-डे मिल कर्मियों व चौकीदारों को 2500 रुपए वर्दी भत्ता दिया जाए।