शिक्षा विभाग की नासमझी का खामियाजा विद्यार्थियों ने सर्दी की ठिठुरन के साथ भुगता। शनिवार को कुरुक्षेत्र के डीसी की ओर से जारी स्कूलों के समय में परिवर्तन करने के आदेश जिला शिक्षा विभाग ने कितनी गंभीरता से लिए अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें मंगलवार तक ये तक मालूम नहीं था कि समय परिवर्तन का आदेश किस श्रेणी के स्कूलों के लिए दिया था।
लिहाजा डीसी के आदेशों को ठीक से समझने की बजाए लापरवाही से अमलीजामा पहनाया गया। सोमवार को शहर के एक प्राइवेट स्कूल में सभी प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई, जहां जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राइमरी स्कूलों के समय में परिवर्तन करने निर्देश दिए। हालांकि दो दिन पहले समाचार पत्रों में डीसी के आदेशानुसार सभी श्रेणी के स्कूलों का समय परिवर्तन संबंधित खबरें भी प्रकाशित हुई थीं।
यहां गौरतलब है कि मंगलवार सुबह छठी से 12 तक के सरकारी स्कूलों का दौरा किया तो यहां के प्राचार्य, स्टाफ और विद्यार्थियों ने जो जानकारी दी, उसने जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर हुई। उल्लेखनीय है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी आसपास के गांवों से भी आते हैं।
सबसे बड़ी दुविधा दो शिफ्ट में चलने वाले सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं के लिए रही, क्योंकि जहां अन्य स्कूलों का सर्दियों में समय सुबह नौ से शुरू होता है और डीसी के आदेशानुसार इन स्कूलों का समय 10 बजे किया जा चुका है, वहीं डबल शिफ्ट वाले स्कूलों का समय अभी भी सुबह 7 बजकर 50 मिनट का है, जबकि ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आसपास गांवों से भी आते हैं। सुबह 7:50 बजे स्कूल पहुंचने के लिए ये छात्र-छात्राएं घर से कितने बजे निकलती होंगे इसका अंदाजा डीसी, शिक्षा विभाग और स्कूल स्टाफ भली प्रकार समझ सकते हैं।
1300 छात्राएं आती हैं सुबह ठंड में
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानेसर की उप प्रधानाचार्य सुदेश शर्मा ने बताया कि स्कूल में 1300 छात्राएं सुबह 8:00 से 12:30 बजे और करीब 500 छात्राएं 12:30 से 5:00 बजे की शिफ्ट में पढ़ती हैं। उनके अनुसार प्राचार्य मंजू रहेजा आज एक केस के सिलसिले में कोर्ट गई हैं।
बैठक में स्पष्ट नहीं हुए आदेश : रहेजा
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य मंजू रहेजा ने बताया कि सोमवार को डीईओ ने सोमवार को सभी प्राचार्यों की एक बैठक थानेसर के आर्य स्कूल में ली थी, जिसमें डीसी द्वारा दिए गए आदेशों को सिर्फ प्राथमिक स्कूलों पर ही लागू बताया था, लेकिन आज उन्हें ज्ञात हुआ है कि यह आदेश सभी स्कूलों के लिए हैं।
ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में पढ़ाई
डीसी निखिल गजराज ारा मौसम के मिजाज को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन के आदेश शनिवार को दिए गए थे। जिन सरकारी स्कूलों में इन निर्देशों की पालना नहीं हुई। आज सुबह जब स्कूलों का दौरा किया गया तो में यहां सर्दी से बचने के लिए क्लासरूम में पढ़ाई बंद कमरों में जारी दिखी।