संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सरस्वती मैया के जयघोष के बीच सोमवार को पूरे दिन शहर में मां सरस्वती की शोभा यात्रा निकलती रहीं। वसंत पंचमी के अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं ने पंडाल सजाकर मां सरस्वती की दो दिन पूजा की थी। इसके बाद पश्चिमी यमुना नहर में मां सरस्वती की मूर्तियों को विसर्जित किया गया।
सोमवार सुबह महिला श्रद्धालुओं ने मां को सोलह शृंगार करवा मांग में सिंदूर भरकर कामनाएं की। उसके बाद गाजेबाजे के साथ श्रद्धालु गुलाल उड़ाते हुए पश्चिमी यमुना नहर किनारे पहुंचे और आरती कर महिला श्रद्धालु मां शारदे के गले मिलीं और उन्हें अगले वर्ष आने का न्योता दे विदाई दी। नई सब्जी मंडी में मां शारदा युवा समिति की ओर से पंडाल सजा कर मां सरस्वती की पूजा की गई।
सोमवार को आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रधान दलीप कुमार ने बताया कि सोमवार को भंडारे के साथ विशाल हनुमान बने और राधा कृष्ण बने कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से सभी का मनमोह लिया। शाम के समय पश्चिमी यमुना नहर में मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
वहीं प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर सूर्य मंदिर छठ पर्व सेवा समिति मंडल के सदस्य श्रद्धालुओं की सहायता व सेवा करते नजर आए। मां की प्रतिमा को उठाने के समय महिलाएं व युवतियां भी पहुंचीं थी। इस मौके पर सूर्य मंदिर के प्रधान सुरेश यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे थे। सूर्य मंदिर की ओर से भी मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जित की गई। फलों व चावलों का प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर अर्जुन पंडित, उमेश चौहान, शत्रुघन राय, मुंशी राय, भोला राय, अरविंद यादव, राम बहादुर मेहतो, राम सागर राय, दिवाकर प्रसाद, रामविलास यादव, नंद किशोर गुप्ता, राम दयाल यादव, राजेश्वर प्रसाद, सुधीर यादव, दिलीप कुमार, रोहित कुमार, सिकंदर मेहता, नागेंद्र महतो, जंग बहादुर यादव, चंदेश्वर राय, रणजीत कुमार मौजूद रहे।र