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Karnal News: ई-ऑफिस प्रणाली लागू नहीं, पुराने रिकॉर्ड की हो रही बेकद्री

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- शहर के कार्यालयों में लागू नहीं हुआ सिस्टम, ग्राम पंचायतों के भी ऑनलाइन की कर रहे तैयारी
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- सरकारी कार्यालयों से शिफ्ट किया जाने लगा रिकॉर्ड, दस्तावेज दफ्तरों के बाहर तक फैले
- चार साल से कागजों में चालू ई-ऑफिस को आज तक लागू नहीं कर पाए अफसर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के सरकारी कार्यालयों के अधिकारी अपने दफ्तरों में ई-ऑफिस प्रणाली को अब तक लागू नहीं कर पाए जबकि दूसरी ओर ग्राम पंचायतों को भी इससे जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पंचायती स्तर के कामों को भी ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इससे काम शीघ्र और पारदर्शी तरीके से हो पाएगा। विभाग में जब ये प्रणाली पूर्ण रूप से लागू होगा तो इसकी आवश्यकता पंचायत स्तर को भी पड़ेगी। पंचायती राज के कार्यालयों से लेकर जिला परिषद को भी इस प्रणाली से जोड़ने का काम हो रहा है।
दूसरी ओर ई-ऑफिस प्रणाली पर काम पूरा हुआ नहीं कि अब पुराने रिकॉर्ड की बेकद्री जरूर होने लगी है। सरकारी कार्यालयों में छत तक लगे सरकारी रिकॉर्ड की फाइलें अब फर्श पर भी धूल फांकने लगी हैं। लघु सचिवालय के कार्यालयों से भी ये रिकॉर्ड शिफ्ट होने का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन कुछ रिकॉर्ड सचिवालय के फर्श पर भी बिखरा पड़ा है। गौरतलब है कि इस ऑनलाइन प्रणाली को लागू करने के चार साल से कागजों में ही आदेश चल रहे हैं, धरातल पर इसे लागू नहीं किया गया है।
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सरकार के आदेशों और एनआईसी की तैयारी के बाद अब भी कागजों में ही काम चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए उनकी ई-मेल आईडी बनाकर ई-फाॅमर्स पोर्टल से जोड़ी जा चुकी हैं। प्रक्रिया को समझाने के लिए वीडियो बनाकर सबको साझा की गई हैं। एनआईसी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जिले के 50 से ज्यादा विभाग और शाखाओं को पोर्टल से जोड़ने का काम किया है। अब इनके अधिकारियों और कर्मचारियों को काम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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उपायुक्त उत्तम सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों से संबंधित सभी कार्यों को भी ऑनलाइन किया जाए ताकि सभी कार्य जल्द पूरे किए जा सकें। इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ई-ऑफिस पोर्टल पर अपनी आईडी बना लें ताकि पंचायतों से संबंधित सभी कार्यों को ऑनलाइन किया जा सके। इसके अलावा जो विकास कार्य पूरे होते जाएं उसकी रिपोर्ट बनाकर जिला स्तर पर भेजें।
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