कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज व सरकारी अस्पताल में आगामी तीन-चार माह बाद डायलिसिस की सुविधा शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज ने फाइल तैयार कर हेड ऑफिस में अप्रूवल के लिए भेज दी है। फाइल पर मोहर लगते ही मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। दोनों संस्थानों में पीपीपी मोड पर यह सुविधा शुरू होगी। वहीं नागरिक अस्पताल में भी डायलिसिस की सुविधा शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं हालांकि नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. पीयूष का कहना है कि अभी तक उनके पास लिखित पत्र इस सुविधा के बारे में नहीं आया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग करनाल सहित मेवात, चरखीदादरी व कुरुक्षेत्र में यह सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रही है। विभाग ने यह निर्णय किडनी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते लिया है। डायलिसिस की सुविधा शुरू होने पर जिले के मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
प्राइवेट अस्पतालों में देने पड़ते हैं पांच हजार रुपये
फिलहाल जिले में किसी भी सरकारी संस्थान में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में ही 1500 से 5 हजार रुपये तक डायलिसिस के लिए देने पड़ रहे हैं। कई गरीब मरीज इस कारण डायलिसिस नहीं कराते।
दो घंटे लगते हैं एक व्यक्ति की डायलिसिस में
किडनी मरीज फिलहाल प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस करा रहे हैं। जिन मरीजों की किडनी ज्यादा खराब है तो उन्हें बार-बार डायलिसिस कराने की आवश्यकता पड़ती है। एक मरीज की डायलिसिस में करीब दो घंटे का समय लगता है।
मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सुविधा शुरू करने के लिए फाइल तैयार कर हेड ऑफिस भेज दी है। वहां से मजूरी मिलते ही एक महीने के अंदर मेडिकल कॉलेज में पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल किडनी के मरीज प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस करा रहे हैं।
-डॉ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल