जिले में मंगलवार को विजय दशमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सेक्टर 16 के हुडा ग्राउंड में लंका दहन के बाद मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों के दहन के बाद बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का छह बजे दोनों पहरों के मिलन पर विधानसभा स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने रिमोट से बटन दबाकर दहन कर बुराई पर अच्छाई का संदेश दिया। सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने एक खुली जिप्सी में पूरे मैदान का भ्रमण किया। रावण दहन से पहले दर्शकों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधानसभा स्पीकर कंवरपाल ने कहा कि रामायण एक आदर्श ग्रंथ है। इसमें वर्णित राम के चरित्र ने भारतीय संस्कृति को सदैव प्रभावित किया है।
भारत ही नहीं विश्व के बहुत से देशों ने रामायण को पढ़कर 70 प्रतिशत ज्ञान हासिल किया है। रावण दहन से पूर्व शहर में से मनमोहक झांकियां निकाली गई। झांकियों ने रामलीला भवन से चलकर कमेटी चौक से कर्ण गेट होकर मीरा घाटी से सेक्टर 16 के हुड्डा ग्राउंड की ओर प्रस्थान किया। झांकियों के दशहरा स्थल पर पहुंचने से पहले रंगीन आतिशबाजी की गई, जिसका हजारों की संख्या में आए लोगों ने आनंद लिया। राम की सेना ने ग्राउंड का एक चक्कर लगाया। राम की सेना का ग्राउंड में प्रवेश करने पर दर्शकों ने जय श्री राम के जयघोष लगाए। दशहरा पर्व पर आयोजित मेले में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। दोपहर से ही दूर दराज से लोग मेेलेे में आना शुरू हो गए। हुडा ग्राउंड के आसपास सड़कों किनारे ट्रैक्टर ट्रालियों, मोटरसाइकिलों सहित अन्य वाहनों की कतारें लग गई। देर शाम को भगवान राम अपनी सेना के साथ हुडा ग्राउंड पहुंचे। पुतला दहन का कार्यक्रम देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। रावण और कुंभकरण के पुतले दहन होने के बाद मनमोहक आतिशबाजी भी हुई। रावण के पुतले के दहन से पूर्व रावण के पुतले के कंधों और ढाल पर लगे इलैक्ट्रिक अनारों को चलाया गया। दर्शकों ने इस रंगीन आतिशबाजी का जमकर लुत्फ उठाया।
श्रीरामलीला सभा की ओर से मुख्य अतिथि कंवरपाल गुर्जर को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मेयर रेनू बाला गुप्ता ने एक स्मृति चिन्ह मंच पर उपस्थित उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ की पत्नी आशिमा बराड को भेंट किया। इस अवसर पर समाजसेवी बृज गुप्ता, वेदपाल एडवोकेट, नगर पार्षद रामचंद्र काला, सुदर्शन कालडा, शीला रानी, पूर्व पार्षद नरेंद्र पंडित, भगवान दास अग्घी, योगेंद्र राणा, बलबीर सिंह, डा. राजीव गुप्ता, श्रीरामलीला सभा के प्रधान अजय गुप्ता, सचिव गौरव गर्ग के अतिरिक्त हरियाणा विधानसभा कोर कमेटी के सदस्य कुलदीप शर्मा, अमृत लाल जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
रावण का पात्र निभा रहे शेखर की आंखें हुई नम
दशहरा पर्व पर जब रावण के पुतले का दहन किया गया तो रामलीला में रावण का रोल अदा कर रहे शेखर की आंखें नम हो गई। जब शेखर से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह पिछले नौ सालों से रामलीला में रावण का अभिनय करता है। ऐसे में उसका हाव भाव, बोल चाल रावण जैसी ही रहती है। वह रोल करते है और जब उनके रोल किए पात्र का दहन किया जाता है तो अक्सर उनकी आंखों से आंसू छलक जाते है। उन्होंने बताया कि वह मुरादाबाद से पहली बार करनाल रामलीला में अभिनय करने आए है।
मेले में सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध
मेले की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी डीएसपी जितेंद्र गहलावत और डीएसपी सिटी विवेक चौधरी को सौंपी गई थी। मेला स्थल पर चार इंस्पेक्टर, चार सब इंस्पेक्टर और करीब 150 पुलिस कर्मी तैनात रहे। इसके अतिरिक्त 25-25 कमांडों जवानों की दो प्लाटून भी मेला स्थल पर मौजूद रही। इसके अतिरिक्त श्रीरामलीला सभा 30 सिक्योरिटी गार्ड और मानव केयर संस्था के वालंटियर भी तैनात रहे।
बैंड बाजों के साथ निकाली गई शोभायात्रा
दोपहर तीन बजे से रामलीला भवन से एक शोभायात्रा निकाली गई, जिनमें लगभग झांकियां शामिल रही। शोभायात्रा ने कमेटी चौक से होते हुए कर्ण गेट से मीरा घाटी और उसके बाद सेक्टर 16 दशहरा मेला स्थल पर प्रवेश किया। राम-लक्ष्मण और सीता सहित हनुमान की झांकी को देखकर लोगों ने जय श्री राम के जयघोष भी लगाए। वहीं रावण दरबार की झांकी में रावण भी खूब हंसता नजर आया।
दहन के बाद अनियंत्रित हो गई भीड़
जैसे ही रावण दहन हुआ उसके बाद भीड़ अनियंत्रित होकर मैदान में आ गई। पुलिस भीड़ को निकालने का प्रयास करती रही लेकिन भीड़ काबू नही हो पाई। लोगों में रावण के पुतले की जली हुई लकड़ियां उठाने की होड़ लगी रही। दहन के एक घंटे बाद तक भी मैदान में लोगों की भीड़ बनी रही। इसके बाद जीटी रोड पर भी कुछ देर के लिए जाम की स्थिति रही।