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तस्करी के दोषी जमींदार को 18 साल की सजा

Sun, 10 Nov 2013 12:13 AM IST
कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के दो मामलों में न्यायाधीश एमएम धोचंक की कोर्ट ने गांव धंतौड़ी के जमींदार और जीटी रोड के ढाबा संचालक केहर सिंह को 18 साल कैद की सजा सुनाई।
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अदालत ने दोषी को जहां चूरा पोस्त तस्करी में 18 साल की सजा सुनाई, वहीं साढ़े चार लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न अदा करने पर उसे दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

जबकि अफीम तस्करी में अदालत ने दोषी को साढ़े चार साल की कैद और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर उसे एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने इस मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया है। मामला एक साल पुराना है।
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360 किलो चूरा पोस्त और 500 ग्राम अफीम मिली थी
जिला अपराध शाखा की टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना पर दो अक्तूबर 2012 को जीटी रोड पर गांव धंतौड़ी स्थित शिव वैष्णो पंजाबी ढाबे पर छापेमारी की थी। टीम ने मौके से 360 किलोग्राम चूरा पोस्त और 500 ग्राम अफीम बरामद की थी और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

उपन्यायवादी एसके मित्तल ने बताया कि  न्यायालय ने केहर सिंह वासी धंतौडी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है, जबकि मामले के दो अन्य आरोपियों संजय और कुलदीप को बरी कर दिया। उन्होंने बताया कि केहर सिंह को जहां चूरा पोस्त तस्करी में 18 साल की सजा सुनाई गई है, वहीं साढ़े चार लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।

 जुर्माना न अदा करने पर उसे दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि अफीम तस्करी में अदालत ने दोषी को साढ़े चार साल की कैद और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर उसे एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।


‘तस्करी ने गांव को बदनाम किया’
स्थानीय गांव वालों का कहना है कि मादक पदार्थों के धंधे में केहर सिंह गत वर्ष पहली बार नहीं फंसा था।
वह कई वर्षों से सांठगांठ से इस धंधे को अंजाम दे रहा था। गांव धंतौड़ी वासियों का कहना है कि जीटी रोड पर स्थित त्यौड़ा और धंतौड़ी गांव इस धंधे की वजह से बदनाम हैं।

जीटी रोड पर बड़े पैमाने पर हो रहा है कारोबार
समाना बाहू से लेकर मोहड़ा तक ऐसे कई ढाबें है, जोकि मादक पदार्थों के सप्लाई के मुख्य केंद्र हैं। इसका पूरा लेने देन इन ढाबों पर रुकने वाले ट्रक और दूसरे वाहनों के माध्यम से होता है।
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धर्मनगरी में शराब और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद यहां के कई होटल और रेस्टोरेंट इस कारोबार में लिप्त हैं।
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