दिल्ली डिविजन के डीआरएम अरुण अरोरा बुधवार को करनाल स्टेशन पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। निरीक्षण से पहले करनाल के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था। इससे पहले, उन्होंने कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां से वह सड़क मार्ग के जरिए करनाल आए थे साथ ही अपने रेल यान को पहले ही करनाल भेज दिया था।
डीआरएम के दौरे के दौरान करनाल स्टेशन पर भारी अनियमितताएं थी, लेकिन डीआरएम ने किसी भी अनियमितता की ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं डीआरएम के महज 9 मिनट के निरीक्षण के कारण करनाल रेलवे स्टेशन के तमाम अधिकारियों के पसीने छूट गए। गंदगी से अंटे रहने वाले रेलवे स्टेशन को शाम के सवा चार बजे चकाचक करने की कोशिश की जाती रही। दूसरी ओर आरपीएफ स्टाफ के कर्मचारी भी स्टेशन को खंगालते देखे गए।
डीआरएम अरुण शाम 4 बजकर 25 मिनट पर करनाल रेवले स्टेशन पहुंचे और 4 बजकर 34 मिनट पर अपने रेल यान के जरिए दिल्ली की ओर रवाना हो गए। इस 9 मिनट की अवधि में उन्होंने रेवले स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों को भी जांच लिया और अधिकारियों से तमाम कार्यों के बारे में भी जानकारी हासिल कर ली। साथ ही स्टेशन की तमाम व्यवस्थाएं भी जांची। इस दौरान उन्हें करनाल स्टेशन का नया नक्शा भी दिखाया गया, जिसके अनुसार यहां निर्माण कार्य चल रहे हैं। इस दौरान उनके साथ स्टेशन अधीक्षक विरेंद्र, आरपीएफ डीएसपी परम सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
स्टेशन पर बनेगा ग्रीन जोन व वीआईपी लॉज
अधिकारियों ने डीआरएम को बताया कि करनाल रेलवे स्टेशन पर जल्द ही पे एंड यूज टायलेट बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त साइकिल, स्कूटर पार्किंग, कार व ऑटो पार्किंग निर्माणाधीन है। अधिकारियों ने बताया कि लेडीज व जेंट्स अपर क्लास वेटिंग रूम, रिटायरिंग रूम व क्लॉक रूम का निर्माण कार्य जारी हैं। इनमें से वीआईपी लॉज 31 दिसंबर तक बना दिया जाएगा। शेष कार्य 31 मार्च तक पूरे होने हैं। इस दौरान डीआरएम ने बारात घर के बारे में भी पूछताछ की और निर्देश दिए कि इसके चलाने के लिए कमेटी का जल्द गठन कर दिया जाए।
शौचालय में न यूरिनल न सफाई
डीआरएम ने स्टेशन पर किसी भी अव्यवस्था की ओर ध्यान नहीं दिया, वरना अधिकारियों की क्लास लगनी तय थी। हाल यह हैं कि स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से पहले बने शौचालय में एक भी यूरिनल नहीं है। न ही यहां पर पानी की कोई व्यवस्था है। इसी कारण यहां पर अक्सर बदबू का आलम देखने को मिलता है। यात्रियों को आस थी कि शायद डीआरएम की नजर इस एरिया पर पड़ जाएगी और इस समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन डीआरएम ने वहां तक भी जाने की जहमत नहीं की।
गौरतलब है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु के जुलाई दौरे से पहले इस शौचालय का दोबारा से नवीनीकरण तो कराया गया, लेकिन यहां यूरिनल लगवाने की जरूरत किसी ने नहीं समझी। बहरहाल हजारों रुपये पानी की तरह यहां बहा दिए गए और समस्या जस की तस है।
डीआरएम अरुण नियमित दौरे के तहत करनाल स्टेशन पर आए थे। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों के बारे में भी पूछताछ की वह करीब साढ़े 4 बजे यहां से चले गए।
वीरेंद्र ठाकुर, स्टेशन अधीक्षक।