माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदूषण के कारण पांच दिन से बंद स्कूल सोमवार को खुलते ही सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत निरीक्षण शुरू हो गया है। हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य मीना कुमारी के नेतृत्व में सोमवार को टीम ने दो स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। एक स्कूल में बस पर तैनात चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही ड्यूटी पर तैनात मिला। एक बस में अग्निशमन संयंत्र एक्सपायर थे। इसके अलावा एक स्कूल की तीन बसों पर महिला सहायक की नियुक्ति नहीं पाई गई।
इन पांचों बसों का नियम की अवहेलना पर चालान किया गया। कुल 20 बसों की जांच हुई थी। साथ ही स्कूल संचालकों को भी चेतावनी दी गई कि यदि इस तरह की खामियां दोबारा पाई गई तो बसों को इंपाउंड भी किया जा सकता है। टीम ने घरौंडा खंड में सबसे पहले द सेंचुरी स्कूल और इसके बाद आर्य सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया गया। हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने बताया कि जांच के दौरान चालक व परिचालक तथा लेडी अटेंडेंट की पुलिस सत्यापन भी नहीं पाई गई।
आयोग की टीम द्वारा दोनों स्कूल प्रबंधन को दो दिन के अंदर सभी खामियां दुरस्त कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान वाहन फिटनेस, रूट प्लेट व टाइमिंग, बीमा ड्राइविंग लाइसेंस, फस्र्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा, अग्निशामक उपकरण, आवश्यक हेल्पलाइन नंबर, चालक और परिचालक ड्रैस और आई कार्ड आदि की जांच की गई। जांच टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और परिवहन विभाग के निरीक्षक शामिल रहे।
पॉलिसी के सभी बिंदुओं का पालन जरूरी
हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने निरीक्षण से पहले करनाल में सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत सोमवार को अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी घरौंडा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, आरटीए, फायर ब्रिगेड, यातायात पुलिस समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ सुरक्षित वाहन पॉलिसी के क्रियान्वयन पर चर्चा की। बैठक में स्कूल बसों का निरीक्षण करने बारे रणनीति व दिशा-निर्देश दिए गए। विदित हो कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी पूरी तरह से लागू करवाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। उन्होंने बताया कि पॉलिसी के तहत प्रत्येक बस में एक महिला अटेंडेंट का होना अनिवार्य है।