संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में 224 जगहों से लिए गए पीने के पानी के नमूनों में से 60 फेल आए हैं। 18 स्वास्थ्य केंद्रों में भी पीने का पानी दूषित पाया गया है। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों से तो एक से अधिक नमूने भी लिए गए। पानी के ये सभी नमूने फेल पाए गए। हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य लैबोरेटरी ने अगस्त माह में ये नमूने लिए थे। मामले में संबंधित संस्थानों और इलाकों के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। पीने के पानी की लगातार जांच के निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य लैबोरेटरी की जांच में सभी असफल नमूनों में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा अधिक पाई गई। यह बैक्टीरिया पानी में मल पदार्थ की मौजूदगी को दर्शाता है। इससे लोगों को दस्त, उल्टी, पेटदर्द, डिहाइड्रेशन, आंतों के संक्रमण की समस्या हो सकती है।
-इन स्वास्थ्य केंद्रों के नमून फेल आए
पीएचसी बारोटा- 6 नमूने
पीएचसी बारोटा- 6 नमूने
सीएचसी घराैंडा- 4 नमूने
सीएचसी समाना बाहू- 2 नमूने
सीएचसी निगड़ी- 2 नमूने
पीएचसी बरसत- 6 नमूने
यूपीएचसी डिस्पेंसरी- 3 नमूने
यूपीएचसी इंदिरा कॉलोनी- 4 नमूने
पीएचसी जडौली- 4 नमूने
सिविल डिस्पेंसरी सेक्टर 6 - 7 नमूने
ब्रामा पीएचसी - 1 नमूना
बिजना पीएचसी - 1 नमूना
ऐंचला - 1 नमूना
शेखपुरा पीएचसी - 1 नमूना
कुंजपुरा सीएचसी - 1 नमूना
रम्बा पीएचसी - 1 नमून
पीएचसी पोपरा - 2 नमूने
निसिंग सीएचसी - 1 नमूना
डाचर निसिंग सीएचसी - 1 नमूना
वार्ड-43 और 52 के 11 नमूने फेल
शहरी इलाकों का पानी भी मानकों पर खरा नहीं उतरा है। करनाल वार्ड-43 से 52 के 11 नमूने फेल आए हैं। करनाल शहर के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र और डिस्पेंसरी भी इस सूची में शामिल हैं। फेल आए नमूनों में से 33 प्रतिशत नगर निगम की ओर से आपूर्ति किए गए पानी के हैं। खराब नमूनों में 25 फीसदी गांवों व कस्बों की सीएचसी के हैं। 25 प्रतिशत फेल नमूने पीएचसी के हैं और 10 प्रतिशत सरकारी दफ्तरों में पीने के पानी के हैं। गांवों से लिए गए 18 नमूने फेल आए हैं। चिड़ाव, पिंगली, मावी, घरौंडा भिस्तेड़ी, शामगढ़, बंसा, कुंजपुरा, बिर्बसी, अमृतपुर, शादपुर, थरी, झींमिखेड़ा, कौलखेड़ा और डाचर गांव का पानी दूषित पाया गया है।
डायरिया के मरीज बढ़ रहे
विगत दिनों में डायरिया और पेट के संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने को दूषित पानी की समस्या से जोड़कर ही देखा जा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 4 से 5 मरीज डायरिया और पेट के संक्रमण के आ रहे हैं। हर दिन एक या दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। विगत सप्ताह ही 8 मरीज डायरिया के भर्ती किए गए हैं। इनमें अधिकतर बच्चे हैं। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भी डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं।
-संबंधित संस्थानों के अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नोटिस जारी किया है। सीएमओ को नमूने और रिपोर्ट भेज दी गई है। आगामी दिनों में ज्यादा से ज्यादा पेयजल नमूनों की जांच हों, इसके लिए निर्देश दे दिए हैं। -डॉ. रवि कुमार, एमडी पैथोलॉजी, हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य लैबोरेटरी के