पीपीई किट पहनने के बाद कोरोना जांच के सैंपल ले रही महिला डाक्टर की तबियत अचानक बिगड़ गयी। अत्यधिक घबराहट होने के कारण उन्हें बीच में ही सैंपलिंग छोड़नी पड़ी। ऐसे में विभागीय तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
करनाल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोबाइल वैन के माध्यम से लोगों के कोराना सैंपल एकत्र किये जा रहे हैं। इसके तहत एक दिन पहले घरौंडा में सैंपल लिये गये थे। बृहस्पतिवार को मोबाइल वैन नीलोखेड़ी के नागरिक अस्पताल में लोगों के सैंपल लेने पहुंची थी। योजना के तहत 25 लोगों के कोविड से संबंधित जांच सैंपल लिये जाने थे। इसके लिए सभी चिह्नित व्यक्तियों को नागरिक अस्पताल में बुलाया भी गया था। नागरिक अस्पताल में तैनात डेंटल सर्जन डा. विनीता को सैंपलिंग की जिम्मेदारी दी गयी थी, लेकिन पीपीई किट पहनने के बाद सैंपल लेते समय अचानक डाक्टर को घबराहट होने लगी। ऐसे में 25 में से सिर्फ 12 लोगों के ही सैंपल लिये जा सके। इसके बाद डाक्टर की तबियत बिगड़ने पर उन्होंने असमर्थता जतायी। इस संबंध में एसएमओ डॉ. वन्दना अग्रवाल का कहना है कि कोरोना से संबंधित सैम्पल लेने वाली टीम को पीपीई किट सहित सभी सावधानियां बरतने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण और निर्देश दिए हुए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाली कोविड सैंपलिंग वैन को लेकर विभिन्न कैटेगरी के तहत सैपल लेेने के लिए 25 लोगों को बुलाया गया था, लेकिन प्रक्रिया शुरू होने के कुछ देर बाद डॉ. विनीता को पीपीई किट में घबराहट महसूस होने लगी, जिससे वह कार्य नहीं कर पा रहीं थीं। इसके चलते 12 लोगों के सैंपल लेने के बाद प्रक्रिया को रोकना पड़ा। सभी एकत्रित सैंपल को जांच के लिए कल्पना चावला मेडिकल कालेज करनाल में भेज दिया है।