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Karnal News: थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े चिकित्सक

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जिला नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे डाॅक्टर। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। घरौंडा के सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर और पुलिस के बीच हुआ विवाद सुलझता दिखाई नहीं दे रहा है। थाना प्रभारी दीपक कुमार और प्रकरण में शामिल अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। उनका कहना है कि जब तक उनके अनुसार कार्रवाई नहीं होती, वे काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं आंदोलन को तेज करते हुए शनिवार से प्रदेश स्तर पर सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल का एलान कर दिया है।
इधर, विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के साथ दो दिनों में हुई तीन दौर की बैठकें विफल रही हैं। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं हैं। अस्पतालों में ओपीडी पूरी तरह बंद रही, जबकि कुछ स्थानों पर इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बुधवार शाम घरौंडा के सरकारी अस्पताल में एमएलसी को लेकर पुलिस और ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और बातचीत के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में बहस हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान थाना प्रभारी ने मेडिकल ऑफिसर के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनका कॉलर पकड़ थप्पड़ जड़ा। मामले का वीडियो सामने आने के बाद डॉक्टर एसोसिएशन ने इसे चिकित्सा पेशे की गरिमा पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। इधर, एसपी ने थाना प्रभारी को निलंबित किया था लेकिन इस कार्रवाई से डॉक्टर संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मामले में शामिल सभी पांचों पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करके गिरफ्तारी हो। वहीं एसपी ने बताया कि प्राथमिक जांच के आधार पर एसएचओ को निलंबित किया गया। विभागीय कार्रवाई के लिए जांच जारी है।

पोस्टमार्टम करने तक कर दिए थे बंद
शुक्रवार सुबह डाॅक्टरों ने पोस्टमार्टम करने भी बंद कर दिए। इस दाैरान फंदा लगाकर जान गंवाने वाले साहिल की मां बेटे का शव लेने के लिए बिलखतीं नजर आईं। हालांकि दोपहर बाद मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टरों ने पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को साैंप दिए।



ऐसे चला मामला

- बुधवार शाम विवाद की शुरुआत : घरौंडा के सरकारी अस्पताल में एक एमएलआर (मेडिको लीगल केस) को लेकर पुलिस और ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर के बीच विवाद हो गया।

- अस्पताल पहुंचे थाना प्रभारी : सूचना मिलने पर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। बातचीत के दौरान डॉक्टर और पुलिस के बीच कहासुनी बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

- डॉक्टर से अभद्र व्यवहार : वायरल वीडियो के अनुसार, थाना प्रभारी ने मेडिकल ऑफिसर का कॉलर पकड़ लिया और थप्पड़ जड़ा।

- डॉक्टरों ने किया विरोध : घटना के विरोध में पहले घरौंडा अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने ओपीडी बंद कर धरना दिया। बाद में पूरे जिले के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ हड़ताल में शामिल हो गए।
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- पुलिस की कार्रवाई : मामले को गंभीरता से लेते हुए वीरवार को एसपी ने थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए।

- असंतुष्टि : थाना प्रभारी के निलंबन के बावजूद डॉक्टरों में रोष बना हुआ है और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के बीच अब तक सहमति नहीं बन सकी है।





रात को एसपी की डाॅक्टरों के साथ बैठक, नहीं बनी बात

फोटो संख्या-61

करनाल। घरौंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एसएचओ और डॉक्टर के बीच हुए विवाद पर वीरवार की देर रात पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया खुद सीएमओ कार्यालय पहुंचे और डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की लेकिन डाॅक्टरों ने कहा कि केवल निलंबन से बात नहीं बनेगी। डाॅक्टरों ने मांग की कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पीटने सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके बाद सभी डाॅक्टर सामान्य तरीके से काम पर लाैटेंगे। उन्होंने डाॅक्टरों को समझाने का प्रयास किया कि पुलिसकर्मी ने जो गलती है, इसी कारण से उसे निलंबित करके लाइनहाजिर कर दिया। वहीं डाॅक्टरों की मांग है कि जब उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है तो पुलिस कर्मी आमजन के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे। डाॅक्टरों ने कहा कि अगर प्राथमिकी दर्ज करके दीपक कुमार की गिरफ्तारी नहीं की तो पूरे हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
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