कुरुक्षेत्र में नेशनल हेल्थ मिशन को कुरुक्षेत्र में तीन अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के लिए डॉक्टर नहीं मिल रहे। इन स्वास्थ्य केंद्रों में अन्य स्टाफ के अलावा पांच डॉक्टरों की आवश्यकता है।
बताया जा रहा है कि कम वेतन के चलते डॉक्टर इन पदों के लिए आवेदन नहीं कर रहे। मिशन को यहां 15 और 30 हजार रुपये पगार वाले डॉक्टर चाहिए हैं। हालांकि अन्य पदों के लिए मारामारी है।
नेशनल हेल्थ मिशन ने सोमवार (17 फरवरी 2014) को दो फुलटाइम और तीन पार्ट टाइमर मेडिकल आफिसर के पदों के लिए साक्षात्कार रखा था। जिला के एनएचएम दफ्तर में साक्षात्कार लेने के लिए पैनल तो नजर आया, मगर इंटरव्यू देने एक भी पात्र उम्मीदवार नहीं पहुंचा।
वेतन के मामले में डॉक्टरी की पढ़ाई कर चुके पात्रों के लिए यहां दूसरी शर्मनाक स्थिति ये है कि ग्रामीणांचल की पीएचसी में तैनात किए गए डॉक्टरों का वेतन जहां 50 हजार रुपये हैं, वहीं शहरी पीएचसी में यह भुगतान महज 15 और 30 हजार रुपये तय किए गए हैं।
पचास हजार की आबादी पर एक अर्बन पीएचसी
राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुरू किए गए नेशनल हेल्थ मिशन का डंका पिछले काफी दिनों से पीटा जा रहा है, जबकि आम आदमी को इसका कैसे मिलेगा, इसको लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, लिहाजा, सबसे बड़ा प्रश्न इतने कम वेतन में नेशनल हेल्थ मिशन डॉक्टरों की व्यवस्था कैसे करेगा। दूसरा डॉक्टरों के बिना हरियाणा के सभी जिलों खोली जा रही अर्बन पीएचसी का क्या औचित्य रहेगा। गौरतलब है कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रति 50 हजार आबादी पर एक अर्बन पीएचसी की स्थापित की जा रही है।
कुरुक्षेत्र मुख्यालय पर तीन अर्बन पीएचसी
एनएचएम ने कुरुक्षेत्र मुख्यालय की एक डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने सहित तीन अर्बन पीएचसी स्थापित की हैं, जिन्हें एक मार्च 2014 से शुरू करने की योजना है। कुरुक्षेत्र मुख्यालय पर गांधी नगर, कृष्णानगर गामड़ी तथा विशिष्ठ कॉलोनी में 1-1 अर्बन पीएचसी बनाई जा रही है। जो कि दोपहर 12 बजे से रात्रि आठ बजे तक सेवा में रहेंगी।