माई सिटी रिपोर्टर
मधुबन। जिला उपन्यायवादी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि हमें कार्यस्थल पर कार्य करने वाली महिलाओं के साथ कार्य करते समय पूर्वाग्रहों से ग्रसित नहीं होना चाहिए। लिंग आधारित मतभेद न करें। एक टीम भावना के साथ कार्य करें, जिससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी और आपकी कार्य दक्षता में बढ़ोतरी होगी। हरियाणा पुलिस अकादमी के डॉ. एस राधाकृष्णन सम्मेलन कक्ष में महिला सुरक्षा विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो नई दिल्ली के तत्वावधान में हुए आयोजन की अध्यक्षता अकादमी के निदेशक डॉ. अरशिन्दर सिंह चावला ने की। वहीं जिला उप न्यायवादी सुरेन्द्र कुमार विशेषज्ञ के रूप में पहुंचे। प्रशिक्षण म विभिन्न इकाइयों से पुलिस कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में प्रोबेशनर एसआई सरिता रेवाड़ी ने प्रथम, प्रोबेशनर एसआई अंजु फरीदाबाद ने द्वितीय और सहायक उप निरीक्षक मंजीत कौर कैथल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
जिला उपन्यायवादी सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि आज के परिवेश में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। आज की नारी ने अबला से सबला बनने तक का जो सफर तय किया है, वो सफर आसान नहीं था। सशक्त बनने की राह पर नारीशक्ति ने अनेक चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि पोश एक्ट की यह खासियत है कि यह एक्ट महिलाओं को कार्य स्थल पर सहजता व निडरता से कार्य करने का अवसर प्रदान करता है। जिससे उनके आत्म विश्वास में इजाफा होता है।