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बदहाल सड़कों की तरफ नहीं ध्यान, ठीकठाक पर मेहरबान

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गगन तलवार
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करनाल। सड़क सुरक्षा समिति की पिछले दिनों हुई बैठक में उपायुक्त ने ठंड बढ़ने से पहले सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिए थे, ताकि लोग हादसों का शिकार न हों। लेकिन रोड इंजीनियरिंग से जुड़े अधिकारियों का खराब सड़कों की तरफ ध्यान नहीं गया। जबकि जो सड़क सही हालत में है उस पर नई लेयर बिछाई जा रही है। इसका उदाहरण अस्पताल रोड है, जहां ठीकठाक होने के बावजूद नई लेयर बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि अप एंड डाउन के करीब दो किलोमीटर की सड़क पर लेयर बिछाने में 60 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जबकि मुगल कैनाल और रेलवे रोड सहित शहर में पांच प्रमुख ऐसी सड़कें हैं, जहां दिनभर हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। इन पूरी तरह से उखड़ी सड़कों के गड्ढे भरने के लिए थोड़ा भी खर्च नहीं किया जा रहा है। न ही नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों का इस ओर ध्यान गया है। यह हालात तब हैं जब स्थानीय लोग इन सड़कों की मरम्मत कराने के लिए निगम अधिकारियों, मेयर, वार्ड पार्षदों और उपायुक्त कार्यालय तक में शिकायत दे चुके हैं। उखड़ी सड़कों से रोजाना कोई न कोई दो पहिया वाहन चालक भी संतुलन खोने के कारण हादसे का शिकार होता है।
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सात माह से बैठक का मुद्दा बन रहा मुगल कैनाल
मुगल कैनाल मार्केट की सड़क की हालत पिछले करीब एक साल से खराब है। सात माह से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस सड़क की हालत का मुद्दा भी उठ रहा है। तत्कालीन उपायुक्त निशांत यादव ने भी दौरा किया था। इसके बाद वर्तमान उपायुक्त अनीश यादव के आदेश पर एक बार मरम्मत भी हुई थी। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के बाद से सड़क की हालत खराब है। स्थानीय निवासी कपिल, श्रवण और अमित राणा ने बताया कि कई बार लिखित शिकायत भी दी है।
शहर को नेशनल हाईवे से जोड़ता है रेलवे रोड
शहर का रेलवे रोड रेलवे स्टेशन से लेकर नेशनल हाईवे-44 तक जाता है। मुख्य चौराहा कमेटी चौक और पुरानी सब्जी मंडी भी इसी रोड पर हैं। इस सड़क की भी पिछले करीब एक माह से हालत खराब है। गड्ढों के कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शुभम और एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि इस सड़क के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाना चाहिए।
गर्भवती और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक
शहर की जो पांच प्रमुख सड़कें खस्ता हालत में हैं, ये सभी आवासीय क्षेत्रों से भी होकर गुजरती हैं। गड्ढों के कारण दो पहिया वाहनों व ई-रिक्शा और आटो से भी सड़क से गुजरने पर झटके लगते हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि ऐसे में गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए ये सड़कें ज्यादा खतरनाक हैं, क्योंकि इसका सीधा असर उनके शरीर पर पड़ेगा। सर्दी में बुजुर्गों को हड्डियों और जोड़ों की समस्या हो सकती है।
इन पांच सड़कों की हालत खराब
- रेलवे रोड : पुराना कमेटी चौक से रेलवे स्टेशन तक 37 जगह से उखड़ी।
- मुगल कैनाल : सेक्टर-12 रोड से चौधरी रणबीर सिंह पार्क तक दोनों तरफ से 45 जगह उखड़ी।
- पुरानी सब्जी मंडी रोड : सेक्टर-13 टी-प्वाइंट से पुरानी सब्जी मंडी चौक तक 20 जगह उखड़ी।
- सेक्टर-14 रोड : राजकीय कॉलेज के साथ हाईवे से आने के लिए बना स्लीप वे पूरी तरह उखड़ा है। सेक्टर-14 की ओर जाने वाला टी-प्वाइंट भी उखड़ा है। सड़क पर 13 जगह गड्ढे हैं।
- नेशनल हाईवे-44 : ताऊ देवी लाल चौक और बलड़ी चौक पर सड़क पर गहरे गड्ढे हैं। इसके अलावा नमस्ते चौक से आईटीआई चौक तक रोड 75 जगह उखड़ी है।
अस्पताल रोड चार साल पहले बना था। इस निर्धारित अवधि के बाद सड़क पर लेयर बिछाना जरूरी है। सड़क को मॉडल रोड के रूप में तैयार करेंगे। पीडब्ल्यूडी की यही एक सड़क शहर में है। डिवाइडर पर भी पेंट होगा। सफेद पट्टी भी लगाएंगे।
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- फूल सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी
मुगल कैनाल और रेलवे रोड समेत अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। तापमान ज्यादा गिरने से पहले सड़कों की मरम्मत करा दी जाएगी। ताकि धुंध के मौसम में लोगों को सफर करने में दिक्कत न हो।
- अनीश यादव, उपायुक्त

66: पुराना सब्जी मंड़ी रोड़ का हाल। अमर उजाला

64: मुगल कैनाल मार्केट रोड़ का हाल। अमर उजाला

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