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संपूर्ण आजादी के लिए लड़नी होगी लड़ाई : राज्यपाल

Mon, 24 Aug 2015 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
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देश के लोगों ने कठिन संघर्ष करके देश को आजाद करा लिया, लेकिन सामाजिक और आर्थिक तौर पर अभी पूरी तरह देश आजाद नहीं हुआ है। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने रविवार को एनडीआरआई में यह बात कही। वे स्वतंत्रता सेनानी बाबू मूलचंद जैन की जन्मशताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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 इससे पहले उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बाबू मूलचंद जैन के चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने कहा कि समाज और देश के लोगों को यह लड़ाई भी आस्था के साथ लड़नी होगी, तभी हमें संपूर्ण आजादी का अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि यह जन्मशताब्दी समारोह बहुत प्रेरणादायी और भावुक है।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री कविता जैन, मेयर रेनू बाला सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिजनों व अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।  उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानी हम सब के लिए पूजनीय हैं। करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा की पत्नी किरण चोपड़ा ने कहा कि बाबू मूलचंद जैन जी का जन्मशताब्दी समारोह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत मायने रखता है। जन्मशताब्दी समारोह में पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, नरेंद्र सुखन, बालकिशन कौशिक, स्वामी प्रेम मूर्ति महाराज, डॉ. सुशील जैन, पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य, डॉ. अभिषेक गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, महावीर त्यागी, प्रशासन की ओर से डीसी डॉ. जेगणेशन, एसपी पंकज नैन, एडीसी गिरीश अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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राज्यपाल को भेंट की पुस्तक
समारोह में स्वतंत्रता सेनानी महावीर प्रसाद जैन द्वारा लिखी एक पुस्तिका उनकी धर्मपत्नी शांता जैन ने राज्यपाल को भेंट की। इस मौके पर जन्मशताब्दी समारोह की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान के पूर्व सांसद एवं जैन विश्व भारती लाडनू के पूर्व वीसी डॉ. रामजी सिंह ने कहा कि देश को राजनैतिक आजादी मिल गई है, लेकिन सोच में परिवर्तन अभी भी नहीं हुआ है।

प्रदेश में बचे महज 85 स्वतंत्रता सेनानी
हरियाणा स्वतंत्रता सम्मान समिति के अध्यक्ष बाबू हरि राम आर्य ने कहा कि आजादी से पहले देश में 600 से अधिक रियासतें हुआ करती थी। इन सभी को इकट्ठा करने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने जी तोड़ मेहनत की। राज्य में केवल 85 स्वतंत्रता सेनानी बचे हैं, इनसे हमें कुछ अनुभव लेने की जरूरत है। इस मौके पर ओएसडी अमरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया।

आईटीआई का नाम बदलकर रखा बाबू मूलचंद जैन आईटीआई
इस दौरान कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने घोषणा करते हुए कहा कि एक सड़क का नाम बाबू मूलचंद जैन के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि करनाल आईटीआई का नाम बदलकर बाबू मूलचंद जैन आईटीआई रख दिया गया है।   

रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन
जन्मशताब्दी समारोह में स्वतंत्रता सैनानी मूलचंद जैन की नाती कृति और आस्था ने श्रद्धांजलि स्वरूप सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी और अमेरिका से नाती साक्षी द्वारा भेजी गई कविताएं भी पढ़ी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने और देश के प्रति सेवा के संकल्प का संदेश दिया। डीपीएस स्कूल के बच्चों ने भी देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। जन्मशताब्दी समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत फैंसी ड्रेस के विजेताओं को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया। समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों और उनके नातियों हरदेई, रामदेई, केसर देवी, कुंदन सिंह, साबो देवी, कमला, बरपाई, राजेंद्र कौर, विद्या देवी, प्यार कौर, इंद्र कौर और कृष्णा देवी को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
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