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तोते को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद, पार्षद के बीच बचाव से हुआ "तोता आजाद"

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तोता पालने को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद हो गया। घर की गली में हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस चौकी और वाइल्ड लाइफ तक पहुंच गया। बढ़ते विवाद को देखते हुए क्षेत्र के मौजिज लोगों समेत वार्ड के पार्षद भी चौकी पहुंच गए और करीब दो घंटे चली पंचायत के बाद पार्षद ने तोते को आजाद कराते हुए दोनों पक्षों में समझौता कराया और उसे जीवो मंगलम आश्रम (बीमार व उड़ने में असमर्थ पक्षियों का सेवा केंद्र) को सौंप दिया है।
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करनाल के सेक्टर-13 में कई महीनों से अपने घर में एक महिला ने तोता पाला हुआ था। जिसका पड़ोस का एक व्यक्ति नवीन कुमार एतराज करता था। उसका कहना था कि महिला को वह पक्षी को घर में कैद रखने से कई बार मना कर चुके थे। शुक्रवार की देर रात वह जब बाहर से अपने घर आया तो देखा कि महिला के पास अब भी तोता है, तो उसने उसे आजाद करने के लिए कहा। इस दौरान दोनों के बीच मारपीट भी हो गई। इसके बाद मामला सेक्टर-13 चौकी में जा पहुंचा। जहां महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी व्यक्ति नवीन को भी चौकी में बुला लिया। यहां दोनों पक्षों की बात पुलिस ने सुनी। वार्ड के पार्षद वीर विक्रम कुमार भी मौके पर पहुंच गए। रात करीब 12 बजे शुरू हुई पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पार्षद और चौकी प्रभारी जितेंद्र ने फैसला करते हुए तोते को पार्षद को सौंप दिया गया। इस दौरान वाइल्ड लाइफ के इंस्पेक्टर बलकार सैनी की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
घरों में कैद नहीं रख सकते पक्षी
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। रात भर तोता मेरे पास रहा। सुबह सभी की सहमति से ही उसे जीवो मंगलम आश्रम में सुपुर्द किया गया। ताकि उड़ने में असमर्थ तोते का इलाज हो सके। वाइल्ड लाइफ के निर्देशानुसार घरों में किसी भी पक्षी को पिंजरे में कैद नहीं रख सकते हैं। लोग आपसी भाईचारा कायम रखें।
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-वीर विक्रम कुमार, पार्षद, वार्ड नंबर-10
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