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खुलासा : पांच लाख रुपये की रिश्वत देकर आढ़तियों ने कटवाए थे फर्जी गेट पास

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खुलासा : पांच लाख रुपये की रिश्वत देकर आढ़तियों ने कटवाए थे फर्जी गेट पास
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। नई अनाज मंडी के सुपरवाइजर पंकज तुली से बरामद हुए पांच लाख रुपये उसे आढ़तियों ने दिए थे। फर्जी गेट पास काटने के लिए यह राशि रिश्वत में दी गई थी। अब पुलिस आढ़तियों और मिलर्स की कुंडली खंगाल रही है।
पुलिस आढ़तियों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। गेट पास के एवज में मंडी में धान की आवक दिखाई गई है या नहीं। यह भी जांच की जा रही है कि जो गेट पास कटे हैं, उनमें दिखाए गए धान को किस एजेंसी ने खरीदा है। किस मिल में उस धान का स्टॉक किया गया है। इसके अलावा जिन किसानों के नाम से ये गेटपास कटे हैं, उनके खाते में भुगतान किया गया या नहीं, इसकी भी जांच चल रही है।
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शुक्रवार को सीआईए-2 की टीम की गिरफ्त में आए उत्तर प्रदेश के गंगोह के डबकोला गांव निवासी कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश और अंकित को एक दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने अंकित से 10 हजार और अंकुश से पांच हजार रुपये की राशि बरामद की। दोनों ने बताया कि उन्हें आरोपी पंकज तुली ने गेट पास काटने के लिए रखा था।

असंध में राधे-राधे व अग्रवाल राइस मिल में 9.25 करोड़ का धान घोटाले में असंध थाना पुलिस एक मिल संचालक शीशपाल को जेल भेज चुकी है। आरोपी सुनील गोयल को असंध पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश करके फिर रिमांड पर लिया है। इस बार रिमांड तीन दिन का लिया गया है। पिछली बार यह दो दिन का लिया गया था। दो दिन के रिमांड पर लिया था। अब दोनों मिलों में उसकी संलिप्तता बारे में पूछताछ की जाएगी। मामले में हैफेड के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार ने करनाल के जिला प्रबंधक (हैफेड) अमित कुमार को निलंबित कर दिया था।



ऑक्शन रिकॉर्डर की भी तलाश

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पंकज तुली और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल मिलकर काम करते थे। यशपाल के पास तरावड़ी मंडी के साथ-साथ करनाल मंडी का अतिरिक्त कार्यभार था। पुलिस सचिव आशा रानी और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

ऐसे किया गया धान घोटाला

फर्जी गेट पास का खेल मार्केट कमेटी सचिव के कार्यालय से शुरू होता है। इसमें आढ़ती, मिलर और एजेंसियों के निरीक्षक शामिल हो जाते हैं। मार्केट कमेटी अधिकारियों के डोमेन आईडी से धान के फर्जी गेट पास काट दिए जाते हैं। न तो मंडी में वास्तविक तौर पर धान आती है और न ही वाहन। कागजों में ही उसे बेच दिया जाता है। आढ़ती किसानों के फर्जी पोर्टल पर पूरा खेल खेलते हैं। सरकार एमएसपी के हिसाब से किसानों के खाते में भुगतान कर देती है। इसके साथ ही आढ़त और मजदूरी भी दी जाती है। इस पैसे को सभी बांट लेते हैं। जब एफसीआई को पेमेंट देने की बारी आती है तो घोटाले में शामिल मिलर्स यूपी और बिहार से घटिया किस्म का चावल खरीदकर गाड़ियों की डिलीवरी कर देते हैं।
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मंडी में फर्जी गेट पास काटने के आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश व अंकित को एक दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है। सचिव आशा रानी और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। फर्जी गेट पास मामले में जिन आढ़तियों के नाम सामने आए हैं, उनका रिकाॅर्ड जांचा जा रहा है। - मुकेश कुमार, जांच अधिकारी, सीआईए टू, करनाल
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असंध की दो राइस मिलों राधे राधे और अग्रवाल राइस मिल में हुए 9.25 करोड़ रुपये के धान घोटाले में मिल संचालकों शीशपाल और तरसेम के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपी यशपाल को जेल भेज दिया है। दोनों मिलों में हुए घोटाले में शामिल आरोपी सुनील गोयल को दो दिन के रिमांड पर लिया था, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया। शनिवार को दोबारा कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया गया है। -गोरखपाल राणा, डीएसपी, असंध
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