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Karnal News: महिलाओं में बढ़ रही डिस्क स्लिप की समस्या

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काजल पांचाल
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करनाल। महिलाओं में डिस्क स्लिप की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे गृहिणियों और कामकाजी महिलाओं को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल के एमएस ऑर्थोपेडिक डॉक्टर कार्तिक के अनुसार, प्रतिदिन करीब 300 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जिनमें से 250 से अधिक महिलाएं इस समस्या से पीड़ित होती हैं।
उन्होंने बताया कि यह बीमारी ज्यादातर मध्यम आयु वर्ग की गृहिणियों में वजन बढ़ने और घर के भारी काम करने के कारण हो रही है, जबकि कामकाजी महिलाओं में लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने और शारीरिक क्रिया की कमी से यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
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डॉ. कार्तिक बताते हैं कि महिलाओं में डिस्क स्लिप कई तरीकों से हो जाती है। जैसे कि लंबे समय तक एक ही अवस्था में बैठने, झुकने और भारी सामान उठाने से रीढ़ पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे यह समस्या सामने आती है। गृहिणियों में यह समस्या घरेलू कार्यों के कारण ज्यादा देखी जा रही है। वहीं, कामकाजी महिलाओं में यह समस्या लंबे समय तक एक ही पोश्चर में बैठने और फिर स्ट्रेचिंग न करने, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और उचित सपोर्ट न मिलने के कारण हो रही है।
इसके अलावा मोटापा, उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की कमजोरी, पोषण की कमी और अनियमित दिनचर्या से भी यह समस्या हो जाती है। उनका कहना है कि पीड़ित महिलाएं यदि नियमित रूप से इलाज करवाएं तो वह पूरी तरह ठीक हो सकती हैं अन्यथा फिर वही गलतियां दोहराने से यह समस्या दोबारा हो सकती है।
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डॉ. कार्तिक ने बताया कि इसके इलाज के लिए जरूरी है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और समय पर सही इलाज करवाया जाए। इसके अलावा, डॉक्टरों ने महिलाओं को सलाह दी है कि वे इस बीमारी के इलाज के लिए गैर-प्रशिक्षित लोगों या पहलवानों से स्ट्रैपिंग न करवाएं, क्योंकि इससे केवल अस्थायी आराम मिलता है। सही और प्रशिक्षित डॉक्टर से इलाज कराना ही इस समस्या से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है। महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए। संवाद
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