- जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग जारी करेगा प्रमाणपत्र, समाज कल्याण विभाग से मिलेगी पेंशन
- जिला नागरिक अस्पताल में लगेगा चार दिवसीय चिकित्सा मूल्यांकन शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला नागरिक अस्पताल में 30 अगस्त से दो सितंबर तक चार दिवसीय चिकित्सा मूल्यांकन शिविर लगाया जाएगा। इसमें जिलेभर के सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों की दिव्यांगता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता की प्रतिशतता अनुसार प्रमाणपत्र जारी करेंगा।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रतिवर्ष दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा मूल्यांकन शिविर आयोजित किए जाते हैं।
इसी कड़ी में वर्ष 2024-2025 में भी चिकित्सा मूल्यांकन शिविर 30 अगस्त से दो सितंबर तक लगाया जाएगा। इससे एक ही समय पर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र बन जाएगा। ऐसे में दिव्यांग विद्यार्थियों को दिव्यांगता का प्रमाणपत्र लेने के लिए भटकने से छुटकारा मिलेगा। दूसरी ओर इसके बाद दिव्यांग विद्यार्थी जिला समाज कल्याण विभाग में दिव्यांगता की प्रतिशतता के मापदंड के अनुसार अपनी पेंशन बनवा सकेंगे।
शिविर में ये डॉक्टर देंगे सेवाएं
ईएनटी विभाग से एसएमओ डॉ. जयवर्धन शर्मा व एसएमओ डॉ. कुलजीत सिंह, मेडिसिन विभाग से एसएमओ डॉ. कुलबीर, एमओ डॉ. प्रिया दलाल व एमओ डॉ. बीरेंद्र नाथ, नेत्ररोग विभाग से एमओ डॉ. नीतिका, एएसएमओ डॉ. आशुतोष, हड्डी रोग विभाग से एमओ डॉ. कार्तिक दुआ, एएसएमओ डॉ. सौरभ, सर्जरी विभाग से एएसएमओ डॉ. प्रदीप, साइकोलॉजी विभाग से डॉ. मनन, डॉ. हवा सिंह, डॉ. संतोष, ऑडियोलॉजिस्ट अप्रूर्वा, जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) प्रबंधक अर्चना।
शिविर में 407 दिव्यांग विद्यार्थियों का होगा मूल्यांकन
शिक्षा विभाग से एपीसी पवन ने बताया कि जिले में सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 407 दिव्यांग विद्यार्थी हैं। जिनकी चार दिवसीय चिकित्सा मूल्यांकन शिविर में जांच की जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने खंड अनुसार शिक्षकों की ड्यूटियों का रोस्टर प्लान तैयार कर लिया है। जिसे डीपीसी से वार्ता कर अंतिम रूप दिया जाएगा और 30 अगस्त से पहले सभी संबंधित शिक्षकों को पत्र भेज दिया जाएगा। वहीं जिला कार्यालय से भी अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जाएगी। जिससे पंजीकरण का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।