निसिंग। कृषि एवं कल्याण विभाग की ओर से फसल विविधीकरण कार्यक्रम के तहत धान की सीधी बिजाई के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन औंगद व प्योंत गांव में किया गया। इनमें करीब 50 गांवों के लोगों ने भाग लिया। इसमें किसानों को बताया गया कि धान की सीधी बुआई से जहां पानी की बचत होती है वहीं पैदावार अच्छी व उच्च गुणवत्ता की होती है।
खंड कृषि अधिकारी डाॅ. कर्मवीर गिरी व सहायक तकनीकी प्रबंधक विकास पंवार व संदीप जांगड़ा ने किसानों को धान की सीधी बिजाई के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में धान की खेती में सिंचाई के पानी की ज्यादा जरूरत होती है लेकिन पर्यावरण के लिहाज से धान की सीधी बुआई फायदेमंद है। धान की रोपाई विधि के बजाय धान की सीधी बुवाई विधि अपनाकर 40 प्रतिशत तक पानी की बचत की जा सकती है। विकास पंवार ने किसानों को बताया कि वह पानी की बचत में सबसे ज्यादा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा इस बार धान की सीधी बुआई पर 3500 की बजाय 500 रुपए अधिक अनुदान दिया जा रहा है। इस मौके हाकम सिंह, राजकुमार भार्गव, गौतम पांचाल, ईशम सिंह, रोहताश, कुलदीप सिंह, दलविंद्र सिंह मौजूद रहे। संवाद